सोशल मीडिया पर प्यार का झांसा देकर दो नाबालिगों के अपहरण की कोशिश, हावड़ा से किया गया रेस्क्यू

Two minors were rescued from Howrah after an attempt to abduct them was made using a love trap on social media.
सांकेतिक फोटो
Published on

निधि, सन्मार्ग संवाददाता

नदिया: आज के डिजिटल युग में सोशल मीडिया का जुनून किस तरह युवाओं और विशेषकर नाबालिगों के लिए जानलेवा साबित हो सकता है, इसकी एक ताजा मिसाल नदिया जिले में देखने को मिली। नदिया के चापड़ा थाना अंतर्गत अल्फा ग्राम पंचायत इलाके की दो नाबालिग लड़कियां सोशल मीडिया के जाल में फंसकर मानव तस्करी का शिकार होने वाली थीं, लेकिन पुलिस की तत्परता ने उन्हें बचा लिया।

नए साल के पहले दिन से ही थीं लापता

घटना की शुरुआत 1 जनवरी 2026 को हुई, जब इलाके की दो नाबालिग लड़कियां अचानक रहस्यमय तरीके से गायब हो गई थीं। परिजनों ने काफी खोजबीन की, लेकिन उनका कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद 2 और 3 जनवरी को दोनों परिवारों ने चापड़ा थाने में अपहरण की लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत जांच शुरू की और लड़कियों के मोबाइल फोन के टावर लोकेशन और सोशल मीडिया एक्टिविटी को ट्रैक करना शुरू किया।

हावड़ा स्टेशन से हुआ रेस्क्यू, दो तस्कर गिरफ्तार

पुलिस को मोबाइल सर्विलांस के जरिए पुख्ता जानकारी मिली कि लड़कियां हावड़ा जिले में हैं। चापड़ा थाना पुलिस की एक विशेष टीम ने हावड़ा के अंदुलिया स्टेशन के पास गुप्त रूप से छापेमारी की। वहां पुलिस ने न केवल दोनों नाबालिगों को सकुशल बरामद किया, बल्कि उन्हें ले जा रहे दो युवकों को भी धर दबोचा।

गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान विकी कुर्मी और शिवा कुर्मी के रूप में हुई है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, ये दोनों युवक दूसरे राज्य के रहने वाले हैं और स्टेशन पर लड़कियों को राज्य से बाहर ले जाने के लिए ट्रेन का इंतजार कर रहे थे।

फेसबुक पर दोस्ती और अपहरण की साजिश

प्रारंभिक पूछताछ में पता चला है कि आरोपियों ने फेसबुक पर फर्जी प्रोफाइल के जरिए इन नाबालिगों से दोस्ती की थी। मीठी-मीठी बातों और झूठे वादों के जाल में फंसाकर उन्होंने लड़कियों को घर छोड़ने और उनके साथ बाहर जाने के लिए राजी कर लिया। पुलिस का मानना है कि यह एक संगठित अंतरराज्यीय गिरोह का काम हो सकता है, जो नाबालिग लड़कियों को बहला-फुसलाकर दूसरे राज्यों में तस्करी (Human Trafficking) के लिए ले जाता है।

प्रशासन की चेतावनी: "सतर्क रहें अभिभावक"

शनिवार को पुलिस ने दोनों आरोपियों को कृष्णनगर अदालत में पेश किया, जहाँ से उन्हें आगे की पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। इस घटना के बाद पुलिस प्रशासन ने सभी अभिभावकों को एक विशेष संदेश जारी किया है। पुलिस ने कहा:

  • सोशल मीडिया पर अनजान व्यक्तियों से दोस्ती खतरनाक हो सकती है।

  • कई अपराधी झूठी पहचान और प्रोफाइल फोटो का इस्तेमाल कर किशोरियों को अपना निशाना बना रहे हैं।

  • माता-पिता को अपने बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर पैनी नजर रखनी चाहिए।

नदिया की इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि इंटरनेट की आभासी दुनिया जितनी सुविधाजनक है, उतनी ही खतरनाक भी। पुलिस फिलहाल इस बात की जांच कर रही है कि इस गिरोह में और कितने लोग शामिल हैं।

संबंधित समाचार

No stories found.

कोलकाता सिटी

No stories found.

खेल

No stories found.
logo
Sanmarg Hindi daily
sanmarg.in