

निधि, सन्मार्ग संवाददाता
खड़दह : पढ़ाई के लिए माता-पिता की मामूली डांट बच्चों पर किस कदर असर कर सकती है, इसका एक चौंकाने वाला उदाहरण उत्तर 24 परगना के रहड़ा थाना क्षेत्र में देखने को मिला। खड़दह विधानसभा के रुइया नालिर माठ इलाके से लापता हुई दो नाबालिग लड़कियों को रहड़ा थाना पुलिस ने शुक्रवार, 16 जनवरी की देर रात मुंबई के बांद्रा इलाके से सकुशल बरामद कर लिया है।
पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, लापता हुई लड़कियों की पहचान 17 वर्षीय डोला बसु और 12 वर्षीय सोमा सरकार के रूप में हुई है। दोनों सहेलियाँ रुइया नालिर माठ इलाके की निवासी हैं। बताया जा रहा है कि 8 जनवरी को घर में पढ़ाई को लेकर माता-पिता ने उन्हें डांटा था, जिससे नाराज होकर दोनों ने घर छोड़ने का फैसला किया। 8 जनवरी से ही दोनों अचानक गायब हो गईं, जिसके बाद परिजनों ने काफी खोजबीन की। जब उनका कोई सुराग नहीं मिला, तो 10 जनवरी को रहड़ा थाने में आधिकारिक तौर पर गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई।
शिकायत मिलने के बाद रहड़ा थाना पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू की। मोबाइल लोकेशन और गुप्त सूचनाओं के आधार पर पुलिस को पता चला कि दोनों लड़कियां राज्य की सीमा पार कर महाराष्ट्र पहुंच चुकी हैं। इसके बाद रहड़ा पुलिस की एक विशेष टीम मुंबई रवाना हुई। कड़ी मशक्कत के बाद शुक्रवार, 16 जनवरी को मुंबई के बांद्रा इलाके से दोनों को बरामद किया गया। पुलिस टीम शुक्रवार देर रात ही उन्हें लेकर वापस बंगाल पहुंची।
हैरानी की बात यह है कि अपनी बेटियों के वापस लौटने के बाद भी पीड़ित परिवार इस मामले में कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है। परिवार के सदस्यों ने मीडिया के सामने पूरी तरह चुप्पी साध ली है। पुलिस फिलहाल इस पहलू पर भी गौर कर रही है कि क्या इन लड़कियों को किसी ने बहला-फुसलाकर अपहरण किया था या वे पूरी तरह अपनी मर्जी से घर छोड़कर गई थीं।
पुलिस का प्राथमिक अनुमान है कि पढ़ाई का दबाव और घर की डांट ही उनके भागने की मुख्य वजह थी। यह घटना वर्तमान समय में बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य और अभिभावकों के साथ उनके संवाद की कमी को दर्शाती है। फिलहाल, पुलिस दोनों नाबालिगों से पूछताछ कर रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि मुंबई जाने में किसी बाहरी व्यक्ति ने उनकी मदद की थी या नहीं।