युद्ध के साये में फंसे दो फ्रांसीसी नागरिक, योगाभ्यास के लिए आये थे बंगाल !

नदिया के उषाग्राम में बढ़ी चिंता, घर लौटने की छटपटाहट
Two French citizens trapped in the shadow of war, had come to Bengal to practice yoga!
सांकेतिक फोटो
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निधि, सन्मार्ग संवाददाता

नदिया : मध्य पूर्व (मिडल ईस्ट) में छिड़े युद्ध के बाद वैश्विक उड़ानों पर पड़े असर ने पश्चिम बंगाल के नदिया में ठहरे दो फ्रांसीसी नागरिकों की नींद उड़ा दी है। नदिया जिले के ताहेरपुर थाना अंतर्गत उषाग्राम ट्रस्ट में आए फ्रांस के निवासी जॉयल उडो और रॉबर्ट केरी वर्तमान में भारी अनिश्चितता और मानसिक तनाव के दौर से गुजर रहे हैं।

वीजा खत्म होने की कगार पर, उड़ानें रद्द

प्राप्त जानकारी के अनुसार, जॉयल और रॉबर्ट गत 12 जनवरी को उषाग्राम आए थे। उन्हें 13 मार्च को वापस फ्रांस लौटना है, लेकिन युद्ध की स्थिति के कारण कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। जॉयल उडो ने अपनी चिंता व्यक्त करते हुए बताया कि भारत में उनके वीजा की अवधि 17 मार्च को समाप्त हो रही है। यदि वे 13 मार्च तक टिकट पाने में सफल नहीं हुए, तो उन्हें कानूनी जटिलताओं का भी सामना करना पड़ सकता है। हालांकि, वे किसी भी वैकल्पिक मार्ग (घूमकर) से स्वदेश लौटने को तैयार हैं, लेकिन टिकटों की अनुपलब्धता बड़ी बाधा बनी हुई है।

उषाग्राम ट्रस्ट भी चिंतित

उषाग्राम ट्रस्ट के अधिकारियों ने बताया कि फ्रांस से योग प्रशिक्षण के लिए आया एक अन्य दल समय पर लौटने में सफल रहा, लेकिन जॉयल और रॉबर्ट बीच में ही फंस गए। ट्रस्ट प्रबंधन भी विदेशी मेहमानों की इस सुरक्षा और घर वापसी को लेकर बेहद चिंतित है। फिलहाल, दोनों नागरिक हर बीतते पल के साथ आसमान की ओर उम्मीद लगाए बैठे हैं कि युद्ध का असर कम हो और उन्हें अपने वतन की उड़ान मिल सके।

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