

निधि, सन्मार्ग संवाददाता
नैहाटी : उत्तर 24 परगना के जेठिया में त्रिकोणीय प्रेम प्रसंग के चलते हुए एक हिंसक विवाद ने अब गंभीर रूप ले लिया है। इस मामले में मारपीट की घटना से संबंधित एक वायरल वीडियो को आधार बनाते हुए पुलिस ने दो मुख्य अभियुक्तों – शुभ्रनील किस्कु (23) और जीत सरकार (25) को रविवार रात गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने इन दोनों के पास से अवैध आग्नेयास्त्र (हथियार) भी बरामद किया है।
यह मामला तब शुरू हुआ जब गत गुरुवार, 27 नवंबर को संदीप घोष नामक एक युवक पर कथित तौर पर हमला किया गया और उसे बेरहमी से पीटा गया। संदीप घोष की शिकायत पर जेठिया थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए शुभ्रनील और जीत को पहले भी गिरफ्तार किया था। हालांकि, गिरफ्तारी के कुछ ही समय बाद, दोनों अभियुक्त जमानत पर रिहा हो गए थे।
मामले में नया मोड़ तब आया जब शनिवार को मारपीट की इस घटना का एक वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। रविवार को जब यह वीडियो जेठिया थाने के जांच अधिकारी (IO) के संज्ञान में आया, तो उन्होंने वीडियो को ध्यान से देखा। वीडियो में, एक अभियुक्त को पीड़ित को जान से मारने की स्पष्ट धमकी देते हुए सुना गया। अभियुक्त ने चिल्लाते हुए कहा था, "तुझे यहीं ठोंक दूंगा!" (मैं तुम्हें यहीं गोली मार दूंगा)।
इस खुली धमकी ने जांच अधिकारी के मन में गहरा संदेह पैदा किया कि अभियुक्तों के पास अवैध हथियार हो सकता है और वे इस धमकी को अंजाम देने की क्षमता रखते हैं। इसके बाद पुलिस टीम तुरंत सक्रिय हो गई और जमानत पर छूटे दोनों अभियुक्तों की तलाश शुरू कर दी।
दोनों अभियुक्तों को बैरकपुर कोर्ट में पेश किया गया
पुलिस ने रविवार रात को ही दोनों अभियुक्तों को खोज निकाला और हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। सूत्रों के मुताबिक, गहन पूछताछ के दौरान दोनों अभियुक्तों ने अवैध आग्नेयास्त्र रखने की बात स्वीकार कर ली। उनकी निशानदेही पर, पुलिस टीम ने पल्लादह इलाके में उनके घर के पास स्थित एक गुप्त स्थान पर तलाशी अभियान चलाया। तलाशी के दौरान पुलिस ने वहां से एक आग्नेयास्त्र (पिस्तौल या कट्टा) बरामद किया।
हथियार बरामद होने के बाद, पुलिस ने शुभ्रनील किस्कु और जीत सरकार के खिलाफ आर्म्स एक्ट (Arms Act) और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उन्हें औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया है। सोमवार को दोनों अभियुक्तों को बैरकपुर कोर्ट में पेश किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस ने कोर्ट से यह जानने के लिए उनकी हिरासत (कस्टडी) की मांग की कि उन्हें यह अवैध हथियार कहां से मिला, क्या इस गिरोह में और भी लोग शामिल हैं, और क्या उन्होंने कहीं और कोई कारतूस या अन्य हथियार छुपा रखे हैं। कोर्ट ने पुलिस की अपील स्वीकार करते हुए अभियुक्तों को हिरासत में भेज दिया है। पुलिस अब मामले की जड़ तक पहुंचने के लिए गहन जांच कर रही है।