

निधि, सन्मार्ग संवाददाता
बशीरहाट: उत्तर 24 परगना जिले के बादुड़िया थाना अंतर्गत चतरा ग्राम पंचायत के पापिला इलाके से चार दिनों से लापता तृणमूल कर्मी नासिर अली के मामले में पुलिस ने दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। हालांकि, नासिर का अब तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है, जिससे इलाके में तनाव और रहस्य बरकरार है।
साजिश के तहत बुलाने का आरोप
लापता नासिर अली के परिवार और स्थानीय सूत्रों के अनुसार, कुछ दिन पहले उन्हें एक फोन आया था। फोन करने वाले ने एसआईआर (SIR) दस्तावेजों में समस्या का हवाला देते हुए नासिर को बीडीओ कार्यालय के बजाय लालकुठी इलाके में बुलाया था। नासिर जरूरी कागजात लेकर घर से निकले, लेकिन उसके बाद वह वापस नहीं लौटे। काफी तलाश के बाद जब कोई सुराग नहीं मिला, तो परिजनों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
यमुना नदी से बरामद हुई बाइक
तफ्तीश के दौरान पुलिस को चतरा इलाके के पास यमुना नदी से नासिर की मोटरसाइकिल बरामद हुई। बाइक मिलने की खबर फैलते ही ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन किया। नासिर की तलाश में जुटी पुलिस को जल्द ही अहम सुराग मिले।
ऐसे पकड़े गए आरोपी
पुलिस जांच में सामने आया कि जिस व्यक्ति ने नासिर को फोन कर बुलाया था, उसका नाम रिजवान हसन मंडल है। रिजवान इलाके का बीएलओ (BLO) है और घटना के दिन से ही वह भी फरार था। पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस की मदद से रिजवान को स्वरूपनगर के तेतुलिया इलाके से धर दबोचा। वहीं, इस मामले में शामिल दूसरे आरोपी सागर गाइन को पुलिस ने रामपुरहाट से गिरफ्तार किया।
7 दिनों की रिमांड, तलाश जारी
पकड़े गए दोनों आरोपियों को बशीरहाट अदालत में पेश किया गया। पुलिस ने नासिर अली का पता लगाने और घटना की तह तक जाने के लिए आरोपियों की हिरासत मांगी, जिसके बाद न्यायाधीश ने उन्हें 7 दिनों की पुलिस रिमांड पर भेज दिया। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह अपहरण का मामला है या इसके पीछे कोई गहरी रंजिश है। फिलहाल, नासिर की तलाश में पुलिस का सर्च ऑपरेशन और तेज कर दिया गया है।