ग्रीनलैंड को लेकर अपने इरादे से पीछे हटे ट्रंप

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को घोषणा की कि वह ग्रीनलैंड पर अमेरिकी नियंत्रण के लिए दबाव बनाने के वास्ते आठ यूरोपीय देशों पर शुल्क लगाने की अपनी योजना रद्द कर रहे हैं।
ग्रीनलैंड को लेकर अपने इरादे से पीछे हटे ट्रंप
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दावोसः अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को घोषणा की कि वह ग्रीनलैंड पर अमेरिकी नियंत्रण के लिए दबाव बनाने के वास्ते आठ यूरोपीय देशों पर शुल्क लगाने की अपनी योजना रद्द कर रहे हैं। साथ ही कहा कि वह ग्रीनलैंड को पाने के लिए बल प्रयोग नहीं करेंगे। ट्रंप ने इससे पहले कहा था कि वह इस द्वीप पर ‘‘पूरा अधिकार, और स्वामित्व’’ हासिल करना चाहते हैं।

अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपने सोशल मीडिया मंच पर पोस्ट में कहा कि आर्कटिक सुरक्षा को लेकर नाटो प्रमुख के साथ ‘भविष्य के एक समझौते की रूपरेखा’ पर सहमति बन गई है, जिससे व्यापक भू-राजनीतिक प्रभाव वाले तनाव के कम होने की संभावना है। उन्होंने बताया कि ग्रीनलैंड को लेकर ‘अतिरिक्त बातचीत’ भी जारी है, जिसमें गोल्डन डोम मिसाइल रक्षा कार्यक्रम शामिल है। यह एक बहु-स्तरीय, 175 अरब डॉलर की प्रणाली है जिसके तहत पहली बार अंतरिक्ष में अमेरिकी हथियार तैनात किए जाएंगे।

इसके बाद ‘सीएनबीसी’ को दिए एक साक्षात्कार में ट्रंप ने विस्तार से विवरण नहीं दिए लेकिन कहा कि यह ‘‘हमेशा के लिए किया गया समझौता’’ है, साथ ही दावा किया ‘‘अब हमारे पास पहले से भी बेहतर सुरक्षा होगी।’

ट्रंप ने अपना रुख नरम किया

राष्ट्रपति पहले भी देशों को शुल्क लगाने की धमकी दे चुके हैं, लेकिन बाद में उससे पीछे हटते रहे हैं। अप्रैल में, दुनिया भर के देशों पर भारी आयात शुल्क लगाने की बात कहने के बाद, बाजारों में तीखी नकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिली थी, जिसके कारण ट्रंप ने अपना रुख नरम कर लिया था। ट्रंप ने विश्व आर्थिक मंच में अपने संबोधन में ग्रीनलैंड पर जोर दिया और नाटो को झकझोर देने की धमकी दी। नाटो शीत युद्ध के शुरुआती दौर से ही दुनिया के सबसे मजबूत और स्थिर सैन्य गठबंधनों में से एक रहा है।

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ट्रंप ने बल प्रयोग नहीं करने की बात की

अपने संबोधन में ट्रंप ने कहा कि वह ऐसे क्षेत्र की मांग कर रहे हैं जो ‘‘ठंडा है और सही जगह स्थित नहीं है।’’ उन्होंने यह भी कहा कि द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान अमेरिका ने यूरोप को प्रभावी रूप से बचाया था। नाटो के संबंध उन्होंने कहा, ‘‘यह बहुत छोटी मांग है, हमने उन्हें पिछले कई दशकों में बहुत कुछ दिया है।’’ ट्रंप ने कहा, ‘‘संभव है कि हमें कुछ भी न मिले, जब तक कि मैं अत्यधिक ताकत और बल प्रयोग करने का फैसला न करूं। ऐसी स्थिति में सच कहूं तो हम अजेय होंगे। लेकिन मैं ऐसा नहीं करूंगा, ठीक है?’’ उन्होंने कहा, ‘‘मुझे ऐसा करने की जरूरत नहीं है और मैं बल प्रयोग नहीं करना चाहता।’’

ट्रंप को नाटो देशों से शिकायत

हालांकि ट्रंप यह भी बार-बार कह चुके हैं कि अमेरिका नाटो की रक्षा करेगा लेकिन उन्हें इस बात पर भरोसा नहीं है कि जरूरत पड़ने पर यह गठबंधन वॉशिंगटन का साथ देगा। उन्होंने संकेत दिया कि ग्रीनलैंड को लेकर उनका आक्रामक रुख अपनाने के पीछे यह भी एक कारण रहा है। ट्रंप के इन विचारों के बाद एक कार्यक्रम में नाटो महासचिव मार्क रुटे ने ट्रंप की उपस्थिति में कहा कि यदि अमेरिका पर हमला होता है तो गठबंधन उसके साथ खड़ा रहेगा। रुटे ने कहा, ‘‘यकीनन आप निश्चिंत रह सकते हैं।’’ इसके कुछ ही समय बाद ट्रंप ने शुल्क रद्द करने की घोषणा संबंधी पोस्ट साझा किया। राष्ट्रपति ने इस फैसले के पीछे अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला दिया।

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