

सिंगापुर : कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर ने शुक्रवार को कहा कि अमेरिका द्वारा लगाए गए ‘टैरिफ’ (शुल्क) का भारत पर असर पड़ा है और लोगों की नौकरियां जा रही हैं। उन्होंने यह दावा भी किया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अस्थिर स्वभाव का परिचय दे रहे हैं और वह कूटनीतिक आचार-व्यवहार के पारंपरिक मानकों का सम्मान भी नहीं करते। अमेरिका ने भारत से निर्यात होने वाली वस्तुओं पर 50 प्रतिशत शुल्क लगाया है, जिसमें रूस से तेल खरीदने के लिए लगाया गया 25 प्रतिशत का अतिरिक्त शुल्क भी शामिल है। थरूर ने कहा कि टैरिफ के प्रभाव को कम करने के लिए भारत को निर्यात बाजारों में विविधता लाने की जरूरत है। उनका कहना था कि सूरत में रत्न एवं आभूषण व्यवसाय, समुद्री खाद्य और विनिर्माण क्षेत्रों में 1.35 लाख लोगों की नौकरियां चली गई हैं। उन्होंने यह बातें यहां भारत के रियल एस्टेट क्षेत्र के शीर्ष उद्योग निकाय ‘क्रेडाई’ द्वारा आयोजित एक सम्मेलन में कही।
लोकसभा सदस्य ने कहा कि ट्रंप से पहले 44 या 45 राष्ट्रपति रहे हैं, लेकिन व्हाइट हाउस की ओर से इस तरह का व्यवहार किसी ने कभी नहीं देखा, जैसा इनका है। कांग्रेस नेता के अनुसार, ट्रंप हर पैमाने पर एक असामान्य राष्ट्रपति हैं और अमेरिकी राष्ट्रपति निश्चित रूप से कूटनीतिक व्यवहार के पारंपरिक मानकों का सम्मान नहीं करते। उन्होंने कहा कि मेरा मतलब है कि क्या आपने कभी किसी विश्व नेता को खुलेआम यह कहते सुना है कि वह नोबेल शांति पुरस्कार के हकदार हैं? ऐसा पहले कभी नहीं हुआ। क्या आपने किसी विश्व नेता को यह कहते सुना है-दुनिया के सभी देश आकर मेरी पीठ थपथपाना चाहते हैं।