

वॉशिंगटन : अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की जमकर तारीफ करते हुए उन्हें "योद्धा प्रधानमंत्री" बताया है। यह बयान ऐसे समय आया है जब दोनों नेताओं के बीच लेबनान में इजराइली सैन्य अभियान को लेकर मतभेद की खबरें सामने आ रही हैं।
ट्रंप ने शनिवार को वॉशिंगटन के पास कतर द्वारा दिए गए नए एयर फोर्स वन विमान को पेश करने के दौरान कहा कि अमेरिका और इजराइल ने ईरान के खिलाफ युद्ध में "बहुत अच्छा प्रदर्शन किया"। उन्होंने कहा कि इजराइल के साथ अमेरिका के संबंध मजबूत हैं और नेतन्याहू को इसके लिए श्रेय दिया जाना चाहिए।
ट्रंप ने कहा, "बिबी नेतन्याहू एक योद्धा प्रधानमंत्री हैं और उन्हें इसका सम्मान मिलना चाहिए।"
एक अलग इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि उनका नेतन्याहू के साथ मजबूत लेकिन नियंत्रित संबंध है। उन्होंने कहा कि उन्हें इजराइली प्रधानमंत्री के फैसलों पर प्रभाव डालने की क्षमता है।
ट्रंप ने कहा, "उनका मेरे प्रति बहुत सम्मान है और वे मेरी बात मानते हैं।"
इससे पहले खबरें आई थीं कि ट्रंप इजराइल की ईरान समर्थित हिज्बुल्ला के खिलाफ लेबनान में जारी कार्रवाई से नाराज थे। रिपोर्टों के अनुसार, जून की शुरुआत में दोनों नेताओं के बीच फोन कॉल के दौरान ट्रंप ने नेतन्याहू से कड़ा रुख अपनाया था।
इस बीच, अमेरिकी खुफिया एजेंसियों ने ट्रंप प्रशासन को चेतावनी दी है कि नेतन्याहू ईरान के साथ हुए शांति समझौते को कमजोर करने वाले कदम उठा सकते हैं।
रिपोर्टों के मुताबिक, इजराइल हिज्बुल्ला के खिलाफ सैन्य अभियान जारी रखने के पक्ष में है। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि इजराइल में आगामी चुनावों को देखते हुए नेतन्याहू पर घरेलू स्तर पर दबाव है कि वह लेबनान से सैनिकों की वापसी न करें और हिज्बुल्ला के खिलाफ कार्रवाई तेज रखें।
खुफिया रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि इजराइल ट्रंप के ईरान शांति समझौते की कुछ शर्तों से असंतुष्ट है, क्योंकि इससे ईरान पर अधिकतम दबाव बनाए रखने की उसकी रणनीति प्रभावित हो सकती है।
इधर, इजराइल और हिज्बुल्ला ने शुक्रवार को लेबनान में सीजफायर पर सहमति जताई। यह समझौता उस समय हुआ जब दोनों पक्षों के बीच घातक हमले हुए और ईरान युद्ध खत्म करने के लिए किए गए ट्रंप के समझौते पर भी दबाव बढ़ा।
अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, इजराइल और हिज्बुल्ला के बीच संघर्ष विराम अमेरिका और कतर की मध्यस्थता से हुआ। इजराइल के अमेरिका में राजदूत येचिएल लीटर ने कहा कि उनका देश तत्काल युद्धविराम के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन हिज्बुल्ला को भी समझौते का पालन करना होगा।
इस बीच, अमेरिका के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची के स्विट्जरलैंड पहुंचकर बातचीत करने की खबरें हैं। आने वाले दिनों में यह वार्ता मध्य-पूर्व की स्थिति और ईरान-इजराइल संबंधों की दिशा तय करने में अहम मानी जा रही है।