

साइक्लोनिक सर्कुलेशन से बंगाल में भारी बारिश
मुनमुन, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : पश्चिम बंगाल में मॉनसून अपने उफान पर है। मौसम वैज्ञानिक के अनुसार, असम पर दो और बांग्लादेश के ऊपर एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन बना हुआ है। साथ ही मॉनसून ट्रफ मैदानी पश्चिम बंगाल से मिजोरम तक सक्रिय है, जिससे बंगाल की खाड़ी से भारी मात्रा में नमी आ रही है। ऐसे में मौसम वैज्ञानिक अन्वेषा भट्टाचार्य ने बताया कि आगामी 16 जुलाई को आयोजित होने वाली रथयात्रा के उत्साह को मौसम किरकिरा कर सकता है। राजस्थान से मिजोरम तक फैली मानसूनी अक्ष रेखा के कारण अगले 5 दिनों तक बंगाल के अधिकांश इलाकों में रुक-रुक कर बारिश और 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है।
किन जिलों में अलर्ट और कब होगी भारी बारिश?
उत्तर बंगाल के दार्जिलिंग, जलपाईगुड़ी और अलीपुरदुआर में रविवार को 200 मिमी तक भारी बारिश का 'रेड अलर्ट' जारी किया गया है। कूचबिहार और कलिम्पोंग समेत उत्तरी जिलों में अगामी शुक्रवार तक भारी बारिश जारी रहने की संभावना है। वहीं दूसरी ओर दक्षिण बंगाल में सोमवार को हावड़ा, हुगली, उत्तर 24 परगना, पश्चिम मिदनापुर, पुरुलिया और बांकुड़ा में भारी बारिश का ऑरेंज व येलो अलर्ट है।
कोलकाता में 7 दिनों तक बारिश का अलर्ट
कोलकाता में अगले 7 दिनों तक आंधी-तूफान के साथ रुक-रुक कर बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। इसके अलावा मंगलवार तक 30-40 किमी/घंटे की रफ्तार से हवा चलने के साथ हल्की से मध्यम बारिश होगी। बुधवार से बारिश थोड़ी धीमी पड़ सकती है, लेकिन रथयात्रा के दिन और उसके अगले दिन कोलकाता व तटीय इलाकों में सबसे ज्यादा और भारी बारिश होने का अनुमान है। समुद्र में 45-55 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने के कारण मछुआरों को फिलहाल समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई है।