

निधि, सन्मार्ग संवाददाता
बैरकपुर (उत्तर 24 परगना): पश्चिम बंगाल में 'स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन' (SIR) यानी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया को लेकर फैले भ्रम और दहशत के कारण कथित आत्महत्याओं की घटनाओं के बाद, बैरकपुर में तृणमूल कांग्रेस (TMC) संगठन ने इसके खिलाफ तीव्र विरोध प्रदर्शन किया है।
पिछले दिनों बैरकपुर अंचल में कथित तौर पर एसआईआर के डर से एक महिला ने आत्महत्या कर ली थी। इसके अलावा, गुरुवार रात को खड़दह में भी एक युवक ने जहर खाकर आत्महत्या का प्रयास किया, हालांकि उसे बचा लिया गया। इस माहौल को देखते हुए, बैरकपुर तृणमूल संगठन ने शुक्रवार को सड़कों पर उतरकर अपनी नाराजगी जाहिर की।
विरोध प्रदर्शन और रैली
एसआईआर के खिलाफ आवाज उठाते हुए, तृणमूल कर्मियों ने दो स्थानों से विरोध रैली निकाली:
बैरकपुर स्टेशन से तालपुकुर तक: बैरकपुर तृणमूल संगठन ने बैरकपुर स्टेशन से एक विशाल प्रतिवाद रैली का आयोजन किया।
टीटागढ़ पालिका के सामने से तालपुकुर तक: टीटागढ़ पालिका के सामने से भी तृणमूल कार्यकर्ताओं ने एक अन्य रैली निकाली, जिसने इस मुद्दे पर तीव्र विरोध जताया।
भ्रम दूर करने की पहल और हेल्पलाइन नंबर
विधायक राज चक्रवर्ती ने इन रैलियों का नेतृत्व करते हुए कहा कि अंचल में एसआईआर को लेकर लोगों में किसी भी प्रकार का भ्रम या डर नहीं होना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि उनकी पार्टी लोगों के साथ खड़ी है और उनकी मदद के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।
लोगों को सही जानकारी देने और उनकी मदद करने के उद्देश्य से, तृणमूल संगठन ने दोहरी रणनीति अपनाई है:
माइकिंग और कैंप: बैरकपुर और टीटागढ़ के प्रत्येक वार्ड में माइकिंग (लाउडस्पीकर पर प्रचार) के माध्यम से लोगों को जानकारी दी जा रही है। साथ ही, मदद के लिए पास लगाए गए कैंपों में संपर्क करने के लिए कहा जा रहा है।
हेल्पलाइन नंबर: संगठन द्वारा एक समर्पित हेल्पलाइन नंबर— 9836000530 — भी जारी किया गया है।
बैरकपुर टाउन तृणमूल के अध्यक्ष सम्राट तपादार ने स्पष्ट किया कि बैरकपुर विधानसभा क्षेत्र का कोई भी व्यक्ति SIR या NRC (राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर) को लेकर किसी भी प्रकार की आशंका या मदद के लिए इस नंबर पर संपर्क कर सकता है। उन्होंने आश्वासन दिया कि हेल्पलाइन पर संपर्क करने वाले व्यक्ति की हर तरह से कानूनी और अन्य मदद की जाएगी, ताकि लोग डर में आकर कोई भी अप्रिय कदम न उठाएं।
तृणमूल का यह विरोध प्रदर्शन और हेल्पलाइन पहल दर्शाती है कि पार्टी इस प्रक्रिया से उत्पन्न हुए जन-आक्रोश और दहशत को कितनी गंभीरता से ले रही है।