

नयी दिल्ली : केंद्र सरकार पर जांच एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए यहां गृह मंत्रालय कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर रहे तृणमूल कांग्रेस के कई सांसदों को शुक्रवार को हिरासत में ले लिया गया, जिन्हें बाद में रिहा कर दिया गया। तृणमूल नेताओं ने दावा किया कि उन्हें जबरन मौके से हटा दिया गया और घसीटकर ले जाया गया। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा राजनीतिक परामर्श फर्म आई-पैक के कार्यालय और इसके प्रमुख के आवास पर छापेमारी किए जाने के एक दिन बाद तृणमूल नेताओं ने यह प्रदर्शन किया। ईडी के अधिकारियों को बृहस्पतिवार को छापेमारी के दौरान बाधाओं का सामना करना पड़ा था। एजेंसी का दावा है कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी परिसर में दाखिल हुईं और जांच से संबंधित ‘‘महत्वपूर्ण’’ सबूत अपने साथ ले गईं।
इस संबंध में एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि सांसदों को हिरासत में लेकर संसद मार्ग थाने ले जाया गया, क्योंकि गृह मंत्रालय कार्यालय के बाहर प्रदर्शन की अनुमति नहीं है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने सांसदों को अपराह्न करीब तीन बजे रिहा कर दिया। तख्तियां लिये और ईडी के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए सांसद डेरेक ओ’ब्रायन, शताब्दी रॉय, महुआ मोइत्रा, बापी हलदर, साकेत गोखले, प्रतिमा मंडल, कीर्ति आजाद और शर्मिला सरकार ने कर्तव्य भवन में प्रवेश करने की कोशिश की, जहां गृह मंत्रालय का कार्यालय है। सांसदों को भवन में प्रवेश करने से रोक दिया गया, जिसके बाद उन्होंने क्षेत्र खाली करने के पुलिस के अनुरोध को अनसुना करते हुए गेट पर विरोध प्रदर्शन किया। इसके बाद उन्हें वहां से हटा दिया गया।
अमित शाह, यह किस तरह का अहंकार है? : तृणमूल
सोशल मीडिया पर आए वीडियो में सांसदों को उठाकर एक बस में धकेले जाने के दृश्य दिखे। इनमें से कई क्लिप तृणमूल ने अपने आधिकारिक ‘एक्स’ हैंडल पर साझा कीं। तृणमूल ने ‘एक्स’ पर कहा, ‘अमित शाह, यह किस तरह का अहंकार है? क्या अब आप लोकतंत्र को कुचलने के लिए चुने हुए प्रतिनिधियों पर हमला करने के लिए दिल्ली पुलिस का इस्तेमाल कर रहे हैं? क्या आपके भारत में असहमति को इसी तरह दबाया जाता है?’ इसने कहा, ‘माना कि आप घबराए हुए हैं! पहले, ईडी का बेशर्मी से दुरुपयोग। अब, हमारे आठ सांसदों के शांतिपूर्ण धरने पर हमला। यह हताशा आपके डर को उजागर करती है। आप लोकतंत्र का गला घोंटने की कोशिश कर सकते हैं, लेकिन बंगाल डरने वाला नहीं है। आप पर और आपकी पुलिस पर शर्म आती है!’सांसदों ने बस से कुछ वीडियो भी साझा किए, जिनमें वे केंद्र सरकार के खिलाफ नारे लगाते हुए नजर आए। मोइत्रा ने केंद्रीय युवा मामले एवं खेल मंत्री मनसुख मांडविया की उस गलती पर भी कटाक्ष किया, जब उन्होंने हाल ही में कोलकाता स्थित दो फुटबॉल क्लबों के नामों का गलत उच्चारण किया था।