

सबिता, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : पश्चिम बंगाल चुनाव के लिए प्रचार का शोर लगभग दो महीन के बाद सोमवार को थम गया। चुनाव प्रचार की इस पूरी अवधि में तृणमूल ने पूरी ताकत झोंक दी। तृणमूल कांग्रेस ने चौथी बार सरकार बनाने का दावा किया है। तृणमूल सुप्रीमाे ममता बनर्जी ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा है कि बंगाल के लोग धर्म को लेकर राजनीति करने वाली पार्टी को नाकार देंगे। 4 मई को देखिएगा, जैसे-जैसे ईवीएम खुलेगी, भाजपा के लोगों का मुंह लुची की तरह फूलता जायेगा। वहीं दूसरे चरण का मतदान 29 अप्रैल को होगा। दूसरे चरण के लिए प्रचार में तृणमूल के उम्मीदवारों ने मतदाताओं को लुभाने में जमकर प्रचार किया है। तृणमूल सुप्रीमो व सीएम ममता बनर्जी, तृणमूल के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने राज्यभर में प्रचार किया। नार्थ बंगाल से लेकर साउथ बंगाल तक उन्होंने जमकर प्रचार किया।
अभिषेक ने किया मेगा रोड शो
अभिषेक बनर्जी ने 23 मार्च को अपना चुनाव प्रचार शुरू किया था और 27 अप्रैल की शाम को इसे समाप्त किया। अंतिम दिन सोमवार को अभिषेक ने धुआधार प्रचार किया। हुगली के साथ ही महेशतल्ला में भी मेगा रोड शो किया। अभिषेक ने करीब 36 दिनों तक प्रचार किया। इनमें कूचबिहार से काकद्वीप तक करीब 100 विधानसभा क्षेत्रों का उन्होंने दौरा किया।
तेजस्वी से लेकर हेमंत भी उतरे समर्थन में : तृणमूल के समर्थन में अन्य राज्यों से भी विभिन्न दलों के वरिष्ठ नेता बंगाल में तृणमूल कांग्रेस का प्रचार किया। इनमें झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल, बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव सहित कई वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे। इन नेताओं ने भाजपा पर हॉर्स ट्रेडिंग से लेकर धर्म की राजनीति करने का आरोप लगाया। इन्होंने बंगाल के लोगों से तृणमूल के समर्थन में वोट देने की अपील की। सूत्राें के मुताबिक तृणमूल ने विरोधी एकता में शामिल अन्य नेताओं को भी संभवत: प्रचार में आमंत्रण किया था लेकिन ये तीन बड़े नेता हेमंत सोरेन, अरविंद केजरीवाल, तेजस्वी यादव ने कई दिनों तक प्रचार किया। वहीं सभा प्रमुख अखिलेश यादव यहां प्रचार के लिए भले ही किसी कारण से नहीं आये हो मगर उन्होंने लगातार सोशल मीडिया पर तृणमूल के लिए समर्थन दिया। दीदी के सराहना की।