

निधि, सन्मार्ग संवाददाता
पानीहाटी (उत्तर 24 परगना): उत्तर 24 परगना जिले के पानीहाटी नगरपालिका अंतर्गत अगरपाड़ा, 4 नंबर महाजाति नगर के निवासी सुमन देवनाथ (38 वर्ष) की सिक्किम में ट्रैकिंग के दौरान बुधवार को हुई दुखद मौत से उनके पूरे इलाके और परिवार में गहरा शोक छा गया है।
सुमन देवनाथ एक कस्टम्स अधिकारी के रूप में कार्यरत थे और उन्हें पहाड़ों की ट्रैकिंग का गहरा शौक था। उनके परिवार वालों ने बताया कि वह पिछले 10 से 15 वर्षों से लगातार देश के विभिन्न हिस्सों में ट्रैकिंग के लिए जाते रहे थे।
सुमन देवनाथ अपने दो करीबी दोस्तों के साथ पिछले शुक्रवार को सिक्किम के चुनौतीपूर्ण और खूबसूरत गोएचाला ट्रैक के लिए घर से निकले थे। सब कुछ सामान्य चल रहा था और मंगलवार की रात को ही उनकी अपने परिवार के सदस्यों से आखिरी बार बातचीत हुई थी।
लेकिन बुधवार की सुबह लगभग 7 बजे, परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। उन्हें सिक्किम पुलिस से उनके निधन की चौंकाने वाली सूचना मिली। बताया गया कि सांस लेने में तकलीफ से उनकी जान चली गयी।
यह खबर सुनते ही देवनाथ का पूरा परिवार शोक और गहरे सदमे में डूब गया। उनके परिवार में उनकी पत्नी के अलावा एक 4 साल की मासूम बेटी है, जिसके सिर से पिता का साया उठ गया।
इलाके के लोगों ने सुमन देवनाथ को याद करते हुए बताया कि वह एक बेहद मिलनसार और हंसमुख व्यक्ति थे। उन्हें ट्रैकिंग का जनून था, लेकिन किसी को भी यह अंदाज़ा नहीं था कि उनका यही शौक अचानक उनकी मृत्यु का कारण बन जाएगा।
ट्रैकिंग के इस सफर का दुखद अंत होने के बाद, सुमन देवनाथ का पार्थिव शरीर अब कफन में लिपटे हुए उनके घर लौटेगा। उनके परिवार के सदस्य और कुछ स्थानीय लोग उनके शव को वापस लाने और घटना की परिस्थितियों को जानने के लिए सिक्किम के लिए रवाना हो चुके हैं। इस घटना ने एक बार फिर ट्रैकिंग जैसे साहसिक खेलों से जुड़े खतरों की ओर ध्यान आकर्षित किया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है, लेकिन परिवार और इलाका इस असामयिक मृत्यु से स्तब्ध है।