बाढ़ में उखड़े पार्क सर्कस और वुड स्ट्रीट के पेड़ों को मिला नया जीवन

संजय जयसिंह और 'मित्री माटी' संगठन के प्रयास से दोनों पेड़ सफलतापूर्वक प्रतिरोपित
एआई फोटो
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सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : लगातार बारिश से शहर में कई पेड़ गिर गए, लेकिन पर्यावरण प्रेमियों के प्रयासों से दो पुराने पेड़ों को नई ज़िंदगी मिल गई। पार्क सर्कस में सौ साल पुराना राधाचूड़ा का पेड़ और अप्पर वुड स्ट्रीट में 60 साल पुराना आम का पेड़, दोनों को सफलतापूर्वक प्रतिरोपित किया गया।

इन प्रयासों की अगुवाई की संजय जयसिंह ने, जो ‘मित्री माटी’ नामक पर्यावरण संरक्षण संस्था से जुड़े हैं। संजय ने बताया कि मंगलवार की बारिश में जब मुझे आम के पेड़ के उखड़ने की खबर मिली, तो मैं मौलाली स्थित अपने घर से सुबह 7:30 बजे पानी में चलकर वहां पहुंचा। पेड़ सड़क पर पूरी तरह गिर गया था और आपदा प्रबंधन दल उसे काटने की तैयारी में था। मैंने उन्हें समझाया और पेड़ को वहीं प्रतिरोपित करने का निर्णय लिया। पेड़ को पहले 15 फीट तक काटा गया और फिर शेक्सपियर सरणी थाने, स्थानीय पार्षद और शहरी वन विभाग के सहयोग से 12 घंटे की मेहनत के बाद प्रतिरोपण सफल हुआ।

राधाचूड़ा पेड़ ने तोड़ी कॉलेज की दीवार, फिर भी मिला जीवनदान

24 सितंबर को गिरे राधाचूड़ा के पेड़ ने लेडी ब्रैबॉर्न कॉलेज की बाउंड्री वॉल को नुकसान पहुंचाया था। पार्क सर्कस सर्वजनिन दुर्गोत्सव उद्धीपनी के आयोजकों ने पहल करते हुए कॉलेज प्रशासन, केएमसी, कोलकाता पुलिस और मित्री माटी से संपर्क किया।

कॉलेज की प्राचार्या शिउली सरकार ने कहा, "हम सभी के लिए एक सकारात्मक समाधान चाहते थे, और पेड़ को फिर से लगाना सबसे अच्छा निर्णय रहा।"

रविवार सुबह 6 बजे शुरू हुए इस प्रतिरोपण में 15 टन के हाइड्रोलिक क्रेन और पे लोडर की मदद ली गई। यह कार्य करीब चार घंटे चला।

कार्यक्रम के दौरान छात्रों को भी बुलाया गया ताकि वे पेड़ प्रतिरोपण की प्रक्रिया सीख सकें। डॉन बॉस्को स्कूल के कक्षा 9 के छात्र ह्रदय गोलानी ने कहा, "यह मानव अंग प्रतिरोपण जैसा ही था। मेरे लिए यह एक सीखने का अनुभव रहा।"

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