

कोलकाता : तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी की आंख के इलाज के लिए विदेश जाने की अनुमति संबंधी याचिका को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। कोलकाता हाईकोर्ट से तत्काल राहत नहीं मिलने के बाद उनके सुप्रीम कोर्ट पहुंचने के बीच विधानसभा में विपक्ष के नेता ऋतब्रत बनर्जी ने उनकी मंशा और विदेश यात्रा को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए।
ऋतब्रत ने दावा किया कि अभिषेक इलाज के बहाने डिप्लोमैटिक पासपोर्ट का इस्तेमाल कर ऐसे देश जाने की कोशिश कर रहे हैं, जिनके साथ भारत की प्रत्यर्पण संधि नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि ऐसा हुआ तो भविष्य में उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करना कठिन हो सकता है।
उन्होंने विदेश में इलाज पर होने वाले खर्च के स्रोत की जांच की भी मांग की और सवाल उठाया कि इसमें निजी धन कितना तथा राजनीतिक दल का धन कितना खर्च किया जा रहा है। उन्होंने अभिषेक को "चार्टर्ड माफिया" बताते हुए दावा किया कि उनके पास कथित वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े दस्तावेज हैं और इस सप्ताह वह दिल्ली जाकर संबंधित केंद्रीय एजेंसियों को शिकायत सौंपेंगे।
ऋतब्रत ने 'सेवाश्रय' स्वास्थ्य शिविर में कथित वित्तीय गड़बड़ियों, 'केरल लॉबी' से संबंध तथा काले धन को केमैन आईलैंड भेजे जाने के आरोप भी दोहराए।
बागी विधायकों की वापसी पर सियासत
इसी दौरान विधायक कुणाल घोष के उस दावे पर भी ऋतब्रत ने पलटवार किया, जिसमें कहा गया था कि तृणमूल छोड़ने वाले कई नेता दोबारा पार्टी के संपर्क में हैं। ऋतब्रत ने चुनौती देते हुए कहा कि यदि ऐसा है तो संबंधित विधायकों के हस्ताक्षर लेकर तत्काल चुनाव आयोग में जमा किए जाएं। तृणमूल के चुनाव चिह्न को लेकर दोनों गुटों के बीच जारी संघर्ष के बीच इन आरोप-प्रत्यारोपों से राज्य की राजनीति और गरमा गई है।