

नई दिल्लीः पश्चिमी दिल्ली के जनकपुरी इलाके में दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) द्वारा निर्माण कार्य के लिए खोदे गए गड्ढे में गिरने से एक मोटरसाइकिल सवार की मौत हो गई। दिल्ली सरकार ने मामले में जांच के आदेश दे दिए हैं। मृतक के परिवार ने डीजेबी की ओर से लापरवाही का आरोप लगाया है और व्यक्ति की मौत में साजिश की आशंका भी जताई है।
दिल्ली सरकार में शहरी विकास मंत्री आशीष सूद ने बताया कि जल बोर्ड द्वारा खोदे गए गड्ढे में गिरने से मोटरसाइकिल सवार की मौत की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। पुलिस ने बताया कि घटना के संबंध में सूचना सुबह करीब सात बजे मिली जिसके बाद पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने बताया कि शव और मोटरसाइकिल गड्ढे के अंदर मिले। पुलिस ने बताया कि मृतक की पहचान कैलाशपुरी निवासी कमल के रूप में हुई है जो एक निजी बैंक के कॉल सेंटर में काम करता था।
इस घटना को लेकर दिल्ली सरकार ने सख्त रुख अख्तियार किया है और तीन अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। दिल्ली सरकार के मंत्री प्रवेश सिंह ने कहा कि एक एक्जिक्यूटिव इंजीनियर, असिस्टेंट इंजीनियर और जूनियर इंजीनियर, जो जनकपुरी लाइन रिहैबिलियेशन प्रोजेक्ट से जुड़े हैं, को जांच पूरी होने तक निलंबित कर दिया गया है।
रातभर परिवार खोजते रहे
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, प्रारंभिक जांच से पता चला है कि डीजेबी के निर्माणस्थल पर यह गड्ढा खोदा गया था और वहां अवरोधक लगाए गए थे। कमल के परिवार के अनुसार, वह बृहस्पतिवार देर रात को रोहिणी स्थित अपने कार्यालय से घर लौट रहा था और लगातार उनके संपर्क में था। हालांकि, जब वह देर रात तक घर नहीं पहुंचा तो उसके रिश्तेदारों ने उसकी तलाश शुरू की और जनकपुरी, सागरपुर, विकास पुरी एवं रोहिणी सहित कई थानों का दौरा किया। परिवार ने बताया कि उन्होंने पूरी रात कमल की तलाश की लेकिन उन्हें सुबह करीब साढ़े सात बजे गड्ढे में उसका शव मिलने की सूचना मिली।
परिवार को हत्या की आशंका
कमल के परिजनों ने डीजेबी की ओर से लापरवाही का आरोप लगाया है और यह आशंका भी जताई है कि हो सकता है कि कमल की हत्या करके उसके शव को गड्ढे में फेंक दिया गया हो।पुलिस ने कहा कि परिवार द्वारा लगाए गए आरोपों सहित सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।अधिकारी ने कहा, ‘‘हम मामले में जांच कर रहे हैं और घटना की कड़ियों के तार जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं।’’
यह घटना राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) नोएडा के 27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के कुछ हफ्तों बाद हुई है। नोएडा सेक्टर 150 में एक निर्माण स्थल के पास 16 और 17 जनवरी की दरम्यानी रात को मेहता की कार के पानी से भरे गड्ढे में गिरने के बाद उनकी डूबने से मौत हो गई थी।
मंत्री प्रवेश वर्मा ने और क्या कहा
दिल्ली सरकार में कैबिनेट मंत्री प्रवेश वर्मा ने कहा कि दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) ने मोटरसाइकिल सवार की मौत के मामले में जांच के लिए समिति गठित की है। व्यक्ति कथित तौर पर जल बोर्ड के निर्माण कार्य के दौरान खोदे गए गड्ढे में गिर गया था। वर्मा ने कहा कि जांच समिति आज शाम तक घटना के संबंध में एक रिपोर्ट पेश करेगी। सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में मंत्री वर्मा ने कहा, ‘‘दिल्ली जल बोर्ड ने घटना की पारदर्शी जांच सुनिश्चित करने के लिए एक उच्च स्तरीय जांच समिति का गठन किया है। समिति को दुर्घटनास्थल का तुरंत निरीक्षण करने और सुरक्षा व्यवस्था, अवरोधक, संकेतक (साइनबोर्ड) और यातायात प्रबंधन की समीक्षा करने का निर्देश दिया गया है।’’
वर्मा ने कहा कि समिति सभी सुरक्षा मानकों के अनुपालन की जांच करेगी, जहां भी चूक पाई जाएगी वहां जवाबदेही तय करेगी और सख्त सुधारात्मक एवं अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश करेगी। दिल्ली के मंत्री ने कहा कि वह निर्माण स्थल का दौरा करेंगे। दिल्ली के शहरी विकास मंत्री आशीष सूद ने भी कहा कि दिल्ली सरकार ने घटना के संबंध में जांच के आदेश दे दिए हैं। सूद ने ‘एक्स’ पर पोस्ट में कहा, ‘‘मैंने घटनास्थल का दौरा किया और मृतक के परिवारजनों से भी मिला। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता जी और पूरी दिल्ली सरकार दुख की इस घड़ी में इस परिवार के साथ खड़ी है। घटना की जांच के निर्देश दे दिए गए हैं और दोषियों को सख्त सजा दी जाएगी।’’