

निधि, सन्मार्ग संवाददाता
बैरकपुर: सड़क पर सुरक्षा और जागरूकता बढ़ाने के लिए, बैरकपुर पुलिस कमिश्नरेट ने एक बेहद ही अभिनव और रचनात्मक पहल की शुरुआत की है। कमिश्नरेट ने यातायात नियमों के गंभीर विषय को लोकप्रिय खेल सांप-सीढ़ी (Snakes and Ladders) और लूडो का माध्यम बनाकर आम लोगों और चालकों तक पहुँचाना शुरू किया है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य यातायात नियमों के पालन को एक ऊबाऊ कर्तव्य की बजाय, एक मजेदार और प्रेरक गतिविधि में बदलना है।
पुलिस द्वारा तैयार किए गए इस विशेष 'सुरक्षा लूडो' में, यातायात सुरक्षा के नियमों को खेल के अंकों और स्थितियों से जोड़ा गया है:
सज़ा (सांप): खेल के नियम के अनुसार, यदि कोई खिलाड़ी (चालक) लापरवाही करता है, जैसे कि बिना हेलमेट के बाइक चलाना या ट्रैफिक सिग्नल तोड़ना, तो उसे सांप के मुँह में पड़कर नीचे उतरना होगा। यह स्थिति वास्तविक जीवन में जुर्माना या दुर्घटना को दर्शाती है।
प्रोत्साहन (सीढ़ी): इसके विपरीत, यदि खिलाड़ी यातायात नियमों का ईमानदारी से पालन करता है, जैसे सीट बेल्ट लगाना, सही लेन में चलना, या ओवरटेक नियमों का पालन करना, तो उसे सीढ़ी चढ़कर ऊपर जाने का मौका मिलेगा। यह स्थिति सुरक्षा, इनाम या दुर्घटना से बचाव को दर्शाती है।
पुलिस का दावा है कि यह पहल खासकर ऑटो और टोटो (ई-रिक्शा) चालकों के बीच पहले ही काफी लोकप्रिय हो चुकी है। ये चालक, जो शहर के यातायात का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं, लंबे समय तक यात्रियों की प्रतीक्षा करते हुए या सेवा देने के बाद खाली समय में, ताश खेलने के बजाय अब इस 'सुरक्षा लूडो' को खेलने लगे हैं।
इस पहल का दोहरा लाभ है: एक ओर यह उन्हें मनोरंजन प्रदान करता है, वहीं दूसरी ओर यह खेल-खेल में महत्वपूर्ण दिशानिर्देश और सड़क सुरक्षा का संदेश उनके अवचेतन तक पहुँचाता है। लूडो बोर्ड पर विशेष रूप से टोटो और ऑटो चालकों के लिए ओवरटेकिंग नियम, सिग्नल का पालन करना, और यात्री सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण निर्देश भी विस्तार से छापे गए हैं।
बैरकपुर पुलिस कमिश्नरेट की ट्रैफिक पुलिस ने सभी महत्वपूर्ण ट्रैफिक मोड़ों और स्टैंडों पर ऑटो और टोटो चालकों को यह 'सुरक्षा लूडो' भेंट किया।
इस अभिनव विचार से चालक समुदाय बेहद खुश है। उनका कहना है कि "खेल खेलने के साथ-साथ उन्हें सही नियमों की जानकारी भी मिलेगी, जो सड़क पर उनके और यात्रियों दोनों के लिए फायदेमंद है।" उन्होंने पुलिस की इस पहल को अत्यंत सराहनीय बताया है।
बैरकपुर पुलिस की यह अनूठी रणनीति आम जनता और पेशेवर चालकों के बीच सचेतनता (Awareness) के स्तर को बढ़ाने में कितनी प्रभावी साबित होती है, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा, लेकिन फिलहाल इस पहल ने जागरूकता की दिशा में एक नया और प्रेरक कदम उठाया है।