

सबिता, सन्मार्ग संवाददाता
काेलकाता : टमाटर की कीमतों में उछाल देखी जा रही है। एक तरफ जहां आलू और अन्य हरी सब्जियों की कीमतें कंट्रोल में हैं वहीं टमाटर की कीमतें हाफ सेंचुरी पार कर चुकी हैं। 50 - 70 रुपये प्रति किलो की दर से टमाटर बिक रहा है। कीमतों में इस बढ़ोतरी का मुख्य कारण अन्य राज्यों पर निर्भरता है। फिलहाल पश्चिम बंगाल में स्थानीय स्तर पर टमाटर की पर्याप्त आपूर्ति नहीं हो पा रही है, जिसके चलते बाहरी राज्यों से टमाटर मंगवाया जा रहा है। टास्क फोर्स कमेटी के सदस्य रवींद्रनाथ कोले ने कहा कि बंगलुरु, झारखंड सहित विभिन्न जगहों से टमाटर यहां लाया जा रहा है। परिवहन लागत और सीमित आपूर्ति के कारण कीमतों पर दबाव बना हुआ है। बंगाल का टमाटर अभी बाजार में आने में कम से कम दो से तीन सप्ताह का समय लग सकता है। उसके बाद कीमतों में गिरावट आने की उम्मीद है। फिलहाल आम लोगों को कुछ समय तक महंगे टमाटर से ही काम चलाना पड़ेगा, लेकिन राहत की उम्मीद जल्द दिखाई दे रही है।
कालाबाजारी या जमाखोरी पर कड़ी नजर
इस बीच प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। किसी भी प्रकार की कालाबाजारी या जमाखोरी को रोकने के लिए बाजारों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। खाद्य विभाग की टीमें नियमित रूप से थोक और खुदरा बाजारों का निरीक्षण कर रही हैं ताकि कोई भी व्यापारी तय सीमा से अधिक कीमत वसूल न कर सके।