ताकि बस में ना लगे आग, STUs और निजी ऑपरेटरों के लिए नयी सुरक्षा गाइडलाइंस

बसों में आग लगने की घटनाओं को लेकर सरकार सख्त
To prevent fires in buses, new safety guidelines issued for STUs and private operators.
फाइल फोटो
Published on

निधि, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : देश के विभिन्न हिस्सों में बसों में आग लगने की हालिया घटनाओं को देखते हुए पश्चिम बंगाल परिवहन विभाग ने यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक विस्तृत 'अग्निशमन सुरक्षा एडवाइजरी 2026' जारी की है। परिवहन सचिव डॉ. सौमित्र मोहन द्वारा जारी इस निर्देशिका में सरकारी (STUs) और निजी बस ऑपरेटरों के लिए कड़े नियम तय किए गए हैं।

गाइडलाइंस की प्रमुख और नयी बातें

पैसेंजर सेफ्टी सेल का गठन : अब प्रत्येक सरकारी परिवहन निगम (STU) और जिला सड़क सुरक्षा समितियों (DRSCs) को एक समर्पित 'पैसेंजर सेफ्टी एंड सिक्योरिटी सेल' बनाना होगा। यह सेल नियमित रूप से सुरक्षा ऑडिट करेगा और जोखिमों की पहचान करेगा।

अनिवार्य SOP और मॉक ड्रिल : आग और सड़क दुर्घटनाओं से निपटने के लिए एक 'मानक संचालन प्रक्रिया' (SOP) तैयार की जाएगी। इसके साथ ही, बस कर्मियों के लिए नियमित मॉक ड्रिल और प्रशिक्षण अनिवार्य कर दिया गया है।

तकनीकी कर्मियों की नियुक्ति : जांच में पाया गया कि अधिकांश आग BS-IV और BS-VI बसों के इलेक्ट्रिक कंट्रोल यूनिट में शॉर्ट-सर्किट के कारण लगी। इसे देखते हुए STUs को खाली पड़े तकनीकी पदों पर जल्द भर्ती करने और निजी ऑपरेटरों को OEM-अधिकृत विशेषज्ञों से ही रखरखाव कराने का निर्देश दिया गया है।

नियमित सेफ्टी ऑडिट : परिवहन विभाग अब हर जिले में प्रतिदिन कम से कम एक निजी बस का औचक सुरक्षा ऑडिट करेगा। इसे प्रवर्तन अभियान (Enforcement) के बजाय सुरक्षा सुधार के रूप में देखा जाएगा और खामी पायी जाने पर 'डिफेक्ट नोटिस' जारी की जाएगी।

CCTV और आधुनिक उपकरण : सुरक्षा बढ़ाने के लिए सभी बसों (विशेषकर लंबी दूरी की) में चरणबद्ध तरीके से CCTV कैमरे लगाए जाएंगे। नयी खरीदी जाने वाली बसों में इन-बिल्ट फायर कंट्रोल सिस्टम होना अनिवार्य होगा।

अग्निशामक यंत्र (Fire Extinguishers) रखना अनिवार्य है

सरकार ने स्पष्ट किया है कि फिटनेस सर्टिफिकेट (CF) समय पर लेना और बसों में चालू हालत में अग्निशामक यंत्र (Fire Extinguishers) रखना अनिवार्य है। लापरवाही बरतने वाले ऑपरेटरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सकती है। माना जा रहा है कि इन गाइडलाइंस के पालन से ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगेगा।

संबंधित समाचार

No stories found.

कोलकाता सिटी

No stories found.

खेल

No stories found.
logo
Sanmarg Hindi daily
sanmarg.in