‘बंगाली अस्मिता’ थीम के साथ 'शक्ति' प्रदर्शन

स्थापना दिवस पर रैली की तैयारी में जुटी टीएमसीपी
तृणमूल छात्र परिषद वार्षिक स्थापना दिवस
तृणमूल छात्र परिषद वार्षिक स्थापना दिवस
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कोलकाता: तृणमूल कांग्रेस की छात्र इकाई तृणमूल छात्र परिषद (टीएमसीपी) अपने वार्षिक स्थापना दिवस की रैली के लिए पूरी तरह कमर कस चुकी है। 28 अगस्त को कोलकाता के मेयो रोड स्थित गांधी प्रतिमा के पास होने वाली इस रैली में बंगाली अस्मिता और बंगालियत को केंद्र में रखा जाएगा।

पार्टी सूत्रों के अनुसार, इस कार्यक्रम में करीब दो लाख छात्रों के जुटने की संभावना है। रैली को मुख्यमंत्री एवं टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी तथा पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी संबोधित करेंगे। राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि उनके भाषणों से 2026 में विधानसभा चुनावों के मद्देनजर टीएमसी की युवा रणनीति और पहचान की राजनीति का साफ संकेत मिलेगा।

टीएमसीपी राज्य अध्यक्ष तृणांकुर भट्टाचार्य ने कहा, यह केवल उत्सव नहीं, बल्कि बंगाली पहचान की गरिमा को स्थापित करने और सांस्कृतिक-भाषायी आधार पर राज्य को बांटने की कोशिशों के खिलाफ संघर्ष का मंच है। भाजपा द्वारा बंगाली अस्मिता का लगातार किये जा रहे अपमान को अब सड़कों पर चुनौती दी जाएगी। इस बार रैली में विशेष नारा और थीम सॉन्ग भी जारी किया गया है।

साथ ही, रवींद्र भारती विश्वविद्यालय की टीम सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देगी, जबकि चुनिंदा छात्र नेताओं को बोलने का अवसर मिलेगा। माना जा रहा है कि इन छात्रों में से कुछ को पार्टी भविष्य के युवा नेतृत्व के रूप में तैयार कर रही है। स्थापना दिवस की तैयारियां जोरों पर हैं। मंच निर्माण कार्य रविवार से शुरू हो चुका है।

इसके अलावा, पहली बार टीएमसीपी ने राज्यव्यापी दौरे और बैठकों के जरिए छात्रों को संगठित करने की पहल की है। ज्ञात हो कि तृणमूल छात्र परिषद का गठन 28 अगस्त 1998 को हुआ था। वर्तमान में भाजपा जहां भ्रष्टाचार के मुद्दे पर टीएमसी पर हमलावर है, वहीं सत्तारूढ़ दल आरोप लगा रहा है कि भाजपा बंगाल की सांस्कृतिक पहचान को कमजोर करने की कोशिश कर रही है। इसी पृष्ठभूमि में इस बार स्थापना दिवस की रैली को महज शक्ति प्रदर्शन नहीं, बल्कि राजनीतिक संदेश भी माना जा रहा है।

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