

केडी पार्थ, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : स्टेट इलेक्शन कमीशन के कार्यालय में शनिवार को तृणमूल कांग्रेस के मंत्रियों और विधायकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने मतदाताओं से जुड़ी गंभीर समस्याओं को लेकर आयोग से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने बीमार, बुज़ुर्ग, प्रवासी मजदूर, कम पढ़े-लिखे नागरिकों और शादी के बाद स्थान बदले वाली महिलाओं को हो रही परेशानियों पर चिंता जताते हुए चुनावी प्रक्रिया में व्यावहारिक और मानवीय समाधान की मांग की।
मंत्रियों और विधायकों की मौजूदगी
इस बैठक में मंत्री पुलक रॉय, मंत्री डॉ. शशि पांजा, मंत्री शिउली साहा, मंत्री बीरबाहा हांसदा और सांसद पार्थ भौमिक शामिल रहे। सभी नेताओं ने एक स्वर में कहा कि आयोग के आदेशों के बावजूद जमीनी स्तर पर आम लोगों को अनावश्यक रूप से परेशान किया जा रहा है, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
बीमार और बुजुर्ग मतदाताओं की परेशानी
प्रतिनिधिमंडल ने आयोग का ध्यान इस ओर दिलाया कि गंभीर रूप से बीमार और बुजुर्ग मतदाताओं को भी जांच और कागजी प्रक्रिया के नाम पर परेशान किया जा रहा है। नेताओं ने आग्रह किया कि मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए ऐसे मतदाताओं को राहत दी जाए।
BLO स्तर पर समाधान की मांग
नेताओं ने सवाल उठाया कि तार्किक खामियों के बावजूद इस पूरी प्रक्रिया को बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) के स्तर पर क्यों नहीं सुलझाया जा रहा। उनका कहना था कि स्थानीय स्तर पर सत्यापन से कई समस्याएं स्वतः खत्म हो सकती हैं।
माइग्रेंट वर्कर्स और दस्तावेजों का मुद्दा
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि विदेश या अन्य राज्यों में काम करने वालों के लिए दिशा-निर्देश है, लेकिन माइग्रेंट वर्कर्स के लिए स्पष्ट प्रावधान नहीं है। साथ ही, बंगाल के कई मतदाता पढ़े-लिखे नहीं हैं और उनके पास परंपरागत दस्तावेज नहीं, लेकिन घर के कागज, टैक्स रसीद या बिजली बिल मौजूद हैं। केवल दस्तावेजों की कमी के आधार पर उन्हें वोटिंग अधिकार से वंचित करना गलत है।
महिलाओं और पारिवारिक लिंक चेन की समस्या
शादी के बाद स्थान बदलने वाली महिलाओं को सबसे अधिक दिक्कत हो रही है। साथ ही पारिवारिक “लिंक चेन” के उदाहरण देते हुए कहा गया कि अगर परिवार के अन्य सदस्यों के नाम मतदाता सूची में हैं, तो योग्य व्यक्ति को क्यों रोका जा रहा है।
आयोग से अपील
नेताओं ने आयोग से अपील की कि लोगों का उत्पीड़न रोका जाए और मजिस्ट्रेट स्तर के सत्यापन जैसे विकल्पों पर विचार किया जाए। प्रतिनिधिमंडल ने भरोसा दिलाया कि वे आम जनता की मांगों को लेकर लगातार आयोग के दरवाजे पर दस्तक देते रहेंगे।