NCPI सांसदों की विश्वसनीयता खत्म : तृणमूल

तीन हफ्ते की मोहलत मांगने पर तीखा हमला
NCPI
एनसीपीआई में शामिल टीएमसी के 20 बागी सांसद
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कोलकाता : तृणमूल कांग्रेस छोड़कर एनसीपीआई में शामिल हुए सांसदों की ओर से जवाब देने के लिए अतिरिक्त समय मांगे जाने पर तृणमूल ने तीखा हमला बोला है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की ओर से दी गयी सात दिनों की समयसीमा समाप्त होने के बाद संबंधित सांसदों ने करीब तीन सप्ताह का और समय मांगा है। इसे लेकर तृणमूल प्रवक्ता कुणाल घोष ने उनकी राजनीतिक विश्वसनीयता पर सवाल खड़ा किया।

बेलियाघाटा विधायक ने कटाक्ष करते हुए कहा कि जो सांसद जनता के वोट से तृणमूल के टिकट पर निर्वाचित हुए, वे अब अपने फैसले का जवाब देने से बच रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी बदलने के साथ ही इन सांसदों ने अपनी राजनीतिक साख खो दी है और अब जवाब देने के लिए अतिरिक्त समय मांगना उनकी स्थिति को और स्पष्ट करता है।

तृणमूल का कहना है कि दल-बदल मामले में सात दिनों के भीतर जवाब देने को कहा गया था, लेकिन समयसीमा समाप्त होने के बाद भी सांसद अपना पक्ष रखने के लिए तैयार नहीं हैं। कुणाल ने सवाल किया कि यदि उन्हें अपने फैसले पर भरोसा है, तो जवाब देने में इतनी देरी क्यों?

उन्होंने कहा, “एनसीपीआई सांसद अपनी विश्वसनीयता खो चुके हैं।” तृणमूल के मुताबिक, जनता के जनादेश से विश्वासघात करने वाले सांसद अब कानूनी प्रक्रिया को लंबा खींचने की कोशिश कर रहे हैं। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद लोकसभा सचिवालय ने संबंधित सांसदों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था।

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