‘जन गण मन’ विवाद: भाजपा के बयान पर बिफरी टीएमसी

कहा, यह बयान गुरुदेव टैगोर का अपमान है
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कोलकाता: कर्नाटक में राष्ट्रीय गान ‘जन गण मन’ को लेकर नया विवाद छिड़ गया जिससे बंगाल की सत्ताधारी पार्टी टीएमसी नाराज हो गई है। बीजेपी सांसद विश्वेश्वर हेगड़े कागेरी ने दावा किया कि देश का राष्ट्रगान मूल रूप से 'एक ब्रिटिश अधिकारी' का स्वागत करने के लिए लिखा गया था।

सूत्रों के अनुसार, बुधवार को हन्नावर में ‘वंदे मातरम’ के 150 वर्ष पूरे होने पर आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने यह बयान दिया। कागेरी ने कहा, मैं इतिहास में नहीं जाना चाहता, लेकिन जब ‘वंदे मातरम’ को राष्ट्रीय गीत बनाने की मांग उठी, तब हमारे पूर्वजों ने निर्णय लिया कि ‘वंदे मातरम’ और ‘जन गण मन’ दोनों को अपनाया जाएगा।

हालांकि ‘जन गण मन’ उस समय एक ब्रिटिश अधिकारी के स्वागत में लिखा गया था। उनके इस बयान ने सियासी तूफान खड़ा कर दिया। तृणमूल कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, 'आधी-अधूरी जानकारी सबसे खतरनाक होती है।'

पार्टी ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर लिखा, यह वही होता है जब इतिहास की जानकारी 'व्हाट्सऐप विश्वविद्यालय' से ली जाती है। बीजेपी बार-बार रवींद्रनाथ टैगोर का अपमान करती रही है और अब तो उसने हद पार कर दी है। टीएमसी ने कहा कि यह बयान न केवल राष्ट्रगान का, बल्कि हर बंगाली और गुरुदेव टैगोर का भी अपमान है।

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