

निधि, सन्मार्ग संवाददाता
बारासात : बारासात के दत्तोपुकुर थाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ के बामनगाछी इलाके में एक वृद्ध दंपत्ति ने अपने इकलौते बेटे की जीवनशैली और उसके द्वारा लिए गए कर्ज के बोझ से तंग आकर जहर खाकर आत्महत्या करने की कोशिश की। वर्तमान में दोनों का इलाज बारसात मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में चल रहा है।
मिली जानकारी के अनुसार, प्रणीत बंद्योपाध्याय और उनकी पत्नी मानसी बंद्योपाध्याय मूल रूप से बादुड़िया के निवासी हैं, लेकिन पिछले कुछ समय से वे बामनगाछी के रामकृष्ण पल्ली में तपन घोष नामक व्यक्ति के घर में किराए पर रह रहे थे। उनका 35 वर्षीय बेटा, सैकत बंद्योपाध्याय, कथित तौर पर नशे का आदी है और अत्यंत उच्छृंखल जीवन जीता है।
पड़ोसियों और स्थानीय सूत्रों का दावा है कि सैकत ने अलग-अलग जगहों से काफी पैसा उधार ले रखा था, जिसे वह समय पर नहीं चुका रहा था। नशे की लत और काम न करने की वजह से उस पर कर्ज बढ़ता गया। नतीजतन, लेनदार अक्सर घर आकर उसके वृद्ध माता-पिता को भला-बुरा कहते और धमकी देते थे। बुधवार की रात भी कुछ लोग उनके घर पहुंचे और दंपत्ति को कड़ी फटकार लगाई तथा अपमानित किया।
बेटे की हरकतों और समाज में हो रही बदनामी से आहत होकर, गुरुवार को प्रणीत और मानसी बामनगाछी स्टेशन के पास पहुंचे और वहाँ किसी जहरीले रसायन का सेवन कर लिया। उन्हें अचेत अवस्था में देखकर स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद उन्हें तुरंत बारसात अस्पताल ले जाया गया।
मकान मालिक तपन घोष ने बताया, "लड़के का व्यवहार बहुत खराब था। मैंने उन्हें घर खाली करने के लिए भी कहा था, लेकिन वे नहीं गए। बुधवार रात की घटना के बाद वे पूरी तरह टूट गए थे।"
दत्तपुकुर थाना पुलिस के अनुसार, फिलहाल दंपत्ति की हालत स्थिर बनी हुई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या उन्हें आत्महत्या के लिए सीधे तौर पर उकसाया गया था। इस घटना ने एक बार फिर बुजुर्गों की सुरक्षा और उनके मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।