निधि, सन्मार्ग संवाददाता
नदिया : पश्चिम बंगाल के नदिया जिले के धुबुलिया थाना अंतर्गत बहादुरपुर इलाके में 12 नंबर राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-12) पर मंगलवार को एक भीषण बस दुर्घटना घटी। इस हादसे में एक मासूम बच्चे समेत तीन लोगों की मौत हो गई है, जबकि कम से कम 10 अन्य यात्री गंभीर रूप से घायल हुए हैं। घटना के बाद से पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है।
अनियंत्रित रफ्तार ने बरपाया कहर
स्थानीय सूत्रों और पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, दुर्घटना बहादुरपुर गेट के पास हुई। उस समय राजमार्ग पर वाहनों की आवाजाही सामान्य थी। बताया जा रहा है कि एक बस कृष्णनगर की ओर जा रही थी, जबकि दूसरी बस बेथुआडहरी की ओर। इसी दौरान पीछे से आ रही एक बस ने अचानक अपना नियंत्रण खो दिया और सामने चल रही बस के पिछले हिस्से में जबरदस्त टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि आगे वाली बस का पिछला हिस्सा पूरी तरह से पिचक गया और मलबे में तब्दील हो गया। बस के पिछले हिस्से और खिड़की की तरफ बैठे यात्री इस भिड़ंत की सीधी चपेट में आ गए। टक्कर की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास के ग्रामीण और दुकानदार सहम गए और तुरंत मौके की ओर दौड़े।
चीख-पुकार और बचाव कार्य
हादसे के तुरंत बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई। स्थानीय निवासियों ने बिना वक्त गंवाए राहत और बचाव कार्य शुरू किया। पुलिस को सूचना दी गई और देखते ही देखते धुबुलिया थाने की पुलिस भी मौके पर पहुँच गई। बस के क्षतिग्रस्त हिस्सों में फंसे यात्रियों को काफी मशक्कत के बाद बाहर निकाला गया। घायलों को तुरंत एम्बुलेंस और निजी वाहनों के जरिए शक्तिनगर जिला अस्पताल भेजा गया। अस्पताल पहुँचने पर डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच के बाद एक बच्चे समेत तीन लोगों को मृत घोषित कर दिया। मृतकों में दो यात्री वे थे जो अगली बस के पिछले हिस्से की खिड़की की सीट पर बैठे थे। घायल हुए 10 लोगों का इलाज चल रहा है, जिनमें से कुछ की हालत अभी भी चिंताजनक बनी हुई है।
प्रशासनिक जांच और सुरक्षा पर सवाल
दुर्घटना के बाद एनएच-12 पर कुछ समय के लिए यातायात बाधित रहा, जिसे बाद में पुलिस ने बहाल कराया। पुलिस ने दोनों बसों को अपने कब्जे में ले लिया है। प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार और ओवरटेकिंग को हादसे की संभावित वजह माना जा रहा है। धुबुलिया पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि क्या बस में कोई तकनीकी खराबी (जैसे ब्रेक फेल होना) थी या यह चालक की मानवीय भूल का परिणाम था।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस इलाके में बसों की रेस और तेज गति अक्सर हादसों का कारण बनती है। तीन मौतों की खबर ने बहादुरपुर और आसपास के गांवों में सन्नाटा पसरा दिया है। प्रशासन ने सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए हाईवे पर निगरानी बढ़ाने की बात कही है।