

निधि, सन्मार्ग संवाददाता
खड़दह : साइबर ठगी के लिए कुख्यात झारखंड के 'जामताड़ा गैंग' ने अब बंगाल के घनी आबादी वाले इलाकों को अपना सुरक्षित ठिकाना बनाना शुरू कर दिया है। उत्तर 24 परगना जिले के अगरपाड़ा अंतर्गत चार नंबर महाजाति नगर इलाके में छापेमारी कर पुलिस ने इस गिरोह के तीन सक्रिय सदस्यों को धर दबोचा है। हालांकि, गिरोह के दो अन्य सदस्य अंधेरे का फायदा उठाकर भागने में सफल रहे। गिरफ्तार ठगों के पास से भारी मात्रा में मोबाइल फोन, लैपटॉप और संदिग्ध रूप से जमा किया गया 'तेल' बरामद हुआ है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान प्रीतम दास, समीर दास और कौशिक कुमार दास के रूप में हुई है। ये सभी मूल रूप से झारखंड के जामताड़ा के निवासी हैं। करीब तीन महीने पहले इन युवकों ने महाजाति नगर में एक मकान के दो कमरे किराए पर लिए थे। स्थानीय निवासियों और मकान मालिक को इन्होंने बताया था कि वे एक निजी कंपनी में काम करते हैं। दिन भर कमरे के अंदर बंद रहकर ये ठग देशभर के लोगों को अपने जाल में फंसाते थे।
जामतारा में दर्ज धोखाधड़ी के कई मामलों की जांच करते हुए झारखंड पुलिस के मोबाइल टावर लोकेशन के आधार पर अगरपाड़ा पहुंची। झारखंड पुलिस और खरदह थाने की पुलिस ने संयुक्त रूप से उक्त मकान में छापेमारी की। तलाशी के दौरान कमरे से 16-17 स्मार्टफोन, लैपटॉप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए गए।
बरामदगी की सूची में सबसे चौंकाने वाली चीज भारी मात्रा में मिला तेल है। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि आखिर साइबर ठगी के अड्डे पर इतनी मात्रा में तेल क्यों जमा किया गया था? क्या इसका इस्तेमाल किसी तंत्र-मंत्र या अन्य आपराधिक गतिविधि के लिए किया जा रहा था? पड़ोसियों ने बताया कि कुछ दिन पहले ही आरोपियों ने एक गाड़ी भरकर सामान झारखंड भेजा था, जिसमें क्या था, इसकी जानकारी किसी को नहीं है।
एक घनी आबादी वाले मोहल्ले में देश के सबसे खतरनाक साइबर गैंग के सदस्यों के ठिकाना बनाने की खबर से स्थानीय लोग हतप्रभ हैं। फिलहाल पुलिस फरार दो अन्य आरोपियों की तलाश में छापेमारी कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस गिरोह के तार बंगाल में और कहां-कहां जुड़े हैं।