रिलायंस पावर के ‘फर्जी' बैंक गारंटी मामले में तीसरी गिरफ्तारी

कोलकाता निवासी PMLA के तहत गुरुवार को हिरासत में लिया गया
anil amban
उद्योगपति अनिल अंबानी
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68 करोड़ की ‘फर्जी’ बैंक गारंटी का मामल

अभियुक्त 10 नवंबर तक ED की हिरासत में

नयी दिल्ली : प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शुक्रवार को कहा कि उसने उद्योगपति अनिल अंबानी समूह की कंपनी ‘रिलायंस पावर’ के खिलाफ 68 करोड़ रुपये की कथित फर्जी बैंक गारंटी जारी करने से जुड़ी धन शोधन जांच के सिलसिले में तीसरी गिरफ्तारी की है।

10 नवंबर तक के लिए के लिए ED की हिरासत में

ED ने एक बयान में बताया कि कोलकाता निवासी अमर नाथ दत्ता नामक व्यक्ति को धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के प्रावधानों के तहत गुरुवार को हिरासत में लिया गया। एक विशेष अदालत ने उसे 10 नवंबर तक के लिए के लिए ED की हिरासत में भेज दिया है। ED ने इस जांच के तहत रिलायंस पावर के पूर्व CFO अशोक कुमार पाल और ओडिशा स्थित बिस्वाल ट्रेडलिंक नामक कंपनी के प्रबंध निदेशक (MD) पार्थ सारथी बिस्वाल को गिरफ्तार किया है। ED ने कहा कि वह (दत्ता) व्यापार वित्तपोषण में परामर्श सेवाएं प्रदान करने का दावा करता है।

'फर्जी बैंक गारंटी' में सक्रिय भूमिका निभायी

'फर्जी बैंक गारंटी' प्रदान करने में दत्ता ने अशोक पाल और पार्थ सारथी बिस्वाल के साथ सक्रिय भूमिका निभायी। यह मामला सूचीबद्ध कंपनी रिलायंस पावर की सहायक कंपनी रिलायंस NU BESS लिमिटेड की ओर से सोलर एनर्जी कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (SECI) को जमा की गयी 68.2 करोड़ रुपये की बैंक गारंटी से संबंधित है, जो ‘फर्जी’ पाr[ गयी। यह कंपनी पहले महाराष्ट्र एनर्जी जेनरेशन लिमिटेड के नाम से जानी जाती थी। ED ने कहा कि रिलायंस पावर की सहायक कंपनी (रिलायंस एनयू बेस लिमिटेड) द्वारा धोखाधड़ीपूर्ण बैंक गारंटी प्रस्तुत करने के कारण SECI को 100 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ। ED ने आरोप लगाया था कि बिस्वाल ट्रेडलिंक व्यापारिक समूहों के लिए ‘फर्जी’ बैंक गारंटी उपलब्ध कराने का गिरोह चलाती थी।

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