पटाखा फोड़ने के लिए मनाही नहीं, मगर ध्यान रहे इतना...

पटाखा फोड़ने के लिए मनाही नहीं, मगर ध्यान रहे इतना...

काली पूजा, छठ और जगद्धात्री पूजा के दौरान निगरानी, 166 स्थायी अग्निशमन केंद्र के अलावा 51 अतिरिक्त अस्थायी अग्निशमन केन्द्र
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सबिता, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : दुर्गोत्सव के बाद अब आगामी त्योहारों काली पूजा, छठ पूजा और जगद्धात्री पूजा के मद्देनजर अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा विभाग की खास तैयारियां हैं। राज्य के दमकल मंत्री सुजीत बोस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि काली पूजा, दिवाली, छठ पूजा और जगद्धात्री पूजा के अवसर पर 166 स्थायी अग्निशमन केंद्रों के अलावा 51 अतिरिक्त अस्थायी अग्निशमन केंद्र स्थापित किए जायेंगे। काली पूजा के दौरान, विशेष रूप से बारासात, नैहाटी, राजारहाट में निगरानी जारी रहेगी। छठ पूजा के दौरान घाटों पर निगरानी रखी जाएगी। चंदननगर की विख्यात जगद्धात्री पूजा के दौरान अतिरिक्त निगरानी होगी। मंत्री ने स्पष्ट किया कि विभाग त्योहारों के दौरान जनसुरक्षा को प्राथमिकता दे रहा है। वह आग लगने की किसी भी घटना से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। प्रेस कांफ्रेंस के दौरान अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव खलील अहमद, डीजी फायर रणवीर कुमार मौजूद थे।

क्या कहा मंत्री ने : दमकल विभाग के मंत्री सुजीत बोस ने कहा कि पटाखे फोड़ें मगर गाइडलाइन के अनुसार ही। ग्रीन पटाखा ही फोड़ें। कई बार देखा गया कि कई फानूस या अधिक आवाज वाले पटाखे फोड़े जाते हैं। मंत्री ने लोगों से कहा कि नियम के बाहर ना जायें। रोशनी का त्योहार आवाजों की झंकार में ना बदलें। इसका हर किसी को ध्यान रखना होगा। खासकर विसर्जन के दौरान हुडदंगी ना हों। पुलिस के साथ दमकल विभाग लगातार समन्वय बनाकर चलता है।

काली पूजा, छठ और जगद्धात्री पूजा के दौरान इस तरह निगरानी

19 से 23 तक दमकल के कर्मी रास्ते पर रहेंगे तैनात

बारासात, नैहाटी और राजारहाट जैसे क्षेत्रों में अतिरिक्त निगरानी

बाजी बाजारों में भी अस्थायी अग्निशमन केंद्र होंगे। मोटरसाइकिलों से गश्त

छठ घाटों पर निगरानी के लिए विशेष टीमें रहेंगी

चंदननगर की विख्यात जगद्धात्री पूजा में अतिरिक्त निगरानी के निर्देश

विभाग की तरफ से किया गया अनुरोध:

सिर्फ ग्रीन पटाखों का इस्तेमाल करें।

निर्धारित समय में ही पटाखे फोड़ें।

फानूस या तेज आवाज वाले प्रतिबंधित पटाखों से बचें।

आसपास के लोगों, बुजुर्गों और जानवरों की सुरक्षा और शांति का ध्यान रखें।

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