गणेशोत्सव पर सरकार की कोई रोक नहीं : शिवकुमार

मुख्यमंत्री ने कहा- अनुशासन और नियमों का पालन करें आयोजक
भगवान श्रीगणेश की एक प्रतिमा
भगवान श्रीगणेश की एक प्रतिमा
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पुलिस को सतर्क रहने के निर्देश

बेंगलुरु: कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने रविवार को कहा कि राज्य में गणेशोत्सव शांतिपूर्वक मनाया जाएगा और सरकार त्योहार के आयोजन पर किसी तरह की रोक नहीं लगाएगी। उनका यह बयान भाजपा के उन आरोपों के बीच आया है, जिनमें कहा गया था कि पुलिस गणेश शोभायात्राओं पर प्रतिबंध लगा रही है और आयोजकों को परेशान किया जा रहा है।

शिवकुमार ने लोगों से उत्सव के दौरान अनुशासन बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि शोभायात्रा और अन्य कार्यक्रमों के दौरान बिजली के खंभों और तारों का ध्यान रखना होगा तथा सभी जरूरी दस्तावेज दुरुस्त रखने के साथ निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना होगा।

साजिश की आशंका जताई, पुलिस को किया सतर्क

मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि कुछ लोग अशांति पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं और एक बड़ी साजिश की जानकारी सरकार को मिली है। उन्होंने कहा कि इसी वजह से पुलिस को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। शिवकुमार ने स्पष्ट किया कि सरकार किसी को धमकी नहीं दे रही है।

उन्होंने भाजपा पर असामाजिक तत्वों का इस्तेमाल करने का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार को इसकी भी जानकारी है। हालांकि, उन्होंने कहा कि गणेशोत्सव किसी राजनीतिक दल की संपत्ति नहीं है। उनके अनुसार, गणेश सभी के हैं और सरकार ने त्योहार के लिए अवकाश भी दिया है तथा इसके आयोजन को प्रोत्साहित किया जा रहा है।

आर. अशोक ने सरकार पर लगाए आरोप

विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आर. अशोक ने कांग्रेस सरकार पर गणेशोत्सव मनाने वाले लोगों को परेशान करने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि टी. नरसीपुरा में पुलिस के एक अधिकारी ने श्रद्धालुओं से मस्जिदों के सामने से शोभायात्रा नहीं निकालने, पटाखे नहीं फोड़ने और नाचने से बचने को कहा है।

अशोक ने संबंधित पुलिस अधिकारी के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि श्रद्धालुओं को अपने ही देश में खुले तौर पर और श्रद्धापूर्वक त्योहार मनाने से रोका जा रहा है तो यह अनुचित है। उन्होंने दावा किया कि मद्दूर और कोलार समेत कई अन्य स्थानों पर भी इसी तरह के प्रतिबंध लगाए गए हैं।

अनुमति की प्रक्रिया को लेकर भी सवाल

भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि गणेश प्रतिमा स्थापित करने और शोभायात्रा निकालने के लिए आयोजकों को कई विभागों और कार्यालयों से अनुमति लेनी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि अलग-अलग स्थानों से अनुमति लेने की प्रक्रिया से आयोजकों को परेशानी होती है और भ्रष्टाचार की गुंजाइश भी पैदा होती है।

अशोक ने कहा कि इन कथित परेशानियों के बावजूद गणेशोत्सव का आयोजन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि गणपति उत्सव लोगों की आस्था से जुड़ा है और सरकार के दबाव के बावजूद इसे मनाया जाएगा।

टी. नरसीपुरा में पारंपरिक मार्ग पर कोई रोक नहीं : एसपी

इस बीच, मैसूरु के पुलिस अधीक्षक मल्लिकार्जुन बालदंडी ने टी. नरसीपुरा को लेकर लगाए गए आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि गणेश शोभायात्राओं के पारंपरिक मार्गों पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया गया है।

उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष जिन मार्गों से शोभायात्राएं निकली थीं, इस वर्ष भी उन्हीं रास्तों से जाने की अनुमति है। पुलिस ने कोई नई व्यवस्था लागू नहीं की है। एसपी के मुताबिक, त्योहार की तैयारियों के तहत सभी थानों को शांति बैठकें आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं।

आयोजकों से पहले जानकारी देने की अपील

बालदंडी ने गणेशोत्सव आयोजकों से मूर्ति स्थापना स्थल, शोभायात्रा और विसर्जन की तारीख तथा निर्धारित मार्ग की जानकारी पुलिस को देने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि इससे सुरक्षा व्यवस्था सुचारू रूप से करने में मदद मिलेगी।

एसपी ने बताया कि पिछले साल एक आयोजक ने पुलिस को पूर्व सूचना दिए बिना और सुरक्षा व्यवस्था की मांग किए बिना शोभायात्रा निकाली थी। उनके मुताबिक, इसी पृष्ठभूमि में इस बार आयोजकों से पहले से जानकारी उपलब्ध कराने को कहा जा रहा है। उन्होंने दोहराया कि पारंपरिक मार्गों पर इस वर्ष कोई प्रतिबंध नहीं है।

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