मकर संक्रांति को सार्वजनिक अवकाश घोषित करने की मांग

हिंदू राष्ट्र शक्ति ने उपराज्यपाल को सौंपा ज्ञापन
मकर संक्रांति को सार्वजनिक अवकाश घोषित करने की मांग
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प्रदेश अध्यक्ष राकेश्वर लाल ने 14 जनवरी 2026 को अवकाश घोषित करने का आग्रह किया

मकर संक्रांति को बताया गया प्राचीन और पवित्र पर्व

सन्मार्ग संवाददाता

श्री विजयपुरम : हिंदू राष्ट्र शक्ति, अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह के प्रदेश अध्यक्ष राकेश्वर लाल ने मकर संक्रांति पर्व को अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह में सार्वजनिक अवकाश घोषित किए जाने की मांग की है। इस संबंध में उन्होंने उपराज्यपाल को एक औपचारिक ज्ञापन सौंपते हुए 14 जनवरी 2026 को मकर संक्रांति के अवसर पर सार्वजनिक अवकाश घोषित करने का आग्रह किया है। ज्ञापन में कहा गया है कि मकर संक्रांति भारत के सबसे प्राचीन, पवित्र एवं व्यापक रूप से मनाए जाने वाले पर्वों में से एक है, जिसे धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक परंपराओं और सामाजिक सौहार्द के साथ मनाया जाता है। अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह में भी बड़ी संख्या में सरकारी कर्मचारी, श्रमिक, विद्यार्थी एवं आम नागरिक इस पर्व को श्रद्धा और परंपरागत रीति-रिवाजों के साथ मनाते हैं।

उन्होंने बताया कि देश के कई राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में मकर संक्रांति को सार्वजनिक अवकाश के रूप में मान्यता प्राप्त है, लेकिन अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह में अवकाश घोषित नहीं होने के कारण आम जनता को असुविधा का सामना करना पड़ता है। इससे द्वीपवासियों की धार्मिक भावनाएं आहत होती हैं और अनेक कर्मचारियों को अपने परिवार के साथ इस महत्वपूर्ण पर्व को मनाने का अवसर नहीं मिल पाता। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि जनआस्था, सांस्कृतिक समावेशिता और प्रशासनिक संवेदनशीलता के दृष्टिगत मकर संक्रांति को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया जाना आवश्यक है। यह मांग द्वीपसमूह की जनता की सामूहिक भावना को दर्शाती है और प्रशासन से इस पर शीघ्र एवं सकारात्मक निर्णय लेने की अपेक्षा की गई है। राकेश्वर लाल ने आशा व्यक्त की कि प्रशासन द्वीपवासियों की सांस्कृतिक परंपराओं और धार्मिक भावनाओं का सम्मान करते हुए इस न्यायोचित मांग को स्वीकार करेगा।

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