...तो लाइसेंस रद्द, सरकार का नया ट्रैफिक नियम

केंद्र सरकार जल्द ही देश में ड्राइविंग लाइसेंस का पूरा सिस्टम बदलने जा रही है। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने ऐलान किया है कि भारत में जल्द ही 'ग्रेड-आधारित ड्राइविंग लाइसेंस सिस्टम' लागू किया जाएगा।
फाइल फोटो।
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नई दिल्ली: केंंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का मंत्रालय न सिर्फ सड़कों के गुणवत्तापूर्ण निर्माण बल्कि सड़क पर चलने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर गंभीर रहा है। इसी क्रम में अब सरकार ट्रैफिक को लेकर कड़े नियम लेकर आ रही है। ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों पर अब बड़े एक्शन की तैयारी है।

केंद्र सरकार जल्द ही देश में ड्राइविंग लाइसेंस का पूरा सिस्टम बदलने जा रही है। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने ऐलान किया है कि भारत में जल्द ही 'ग्रेड-आधारित ड्राइविंग लाइसेंस सिस्टम' लागू किया जाएगा। अब अगर ट्रैफिक नियमों को तोड़ते हैं तो आपका ड्राइविंग लाइसेंस भी कैंसिल हो सकता है।  

अभी तक ट्रैफिक नियम तोड़ने पर जुर्माना ही लगता था, लेकिन अब ड्राइविंग लाइसेंस के साथ 'रिपोर्ट कार्ड' जैसा बर्ताव होगा। जब कोई ट्रैफिक नियम तोड़ेगा तो उसके लाइसेंस से कुछ पॉइंट काट लिए जाएंगे। अगर पॉइंट्स तय सीमा से कम हो जाते हैं, तो लाइसेंस 6 महीने के लिए रद्द कर दिया जाएगा. इतना ही नहीं, अगर कोई बार-बार गलती करता है या ट्रैफिक नियम तोड़ता है, तो ऐसे मामलों में ड्राइविंग लाइसेंस को हमेशा के लिए रद्द भी किया जा सकता है।

मोबाइल फोन पर बात करते समय अकसर बड़ी दुर्घटनाएं होती हैं। तेज गति की वजह से भी ज्यादातर दुर्घटनाएं होती है। इन्हें लेकर सरकार गंभीरता से नियम बना रही है। ओवरस्पीडिंग, ड्राइविंग के समय मोबाइल का इस्तेमाल, रॉन्ग साइड ड्राइविंग, शराब पीकर ड्राइविंग ओवर स्पीडिंग, हेलमेट/सीट बेल्ट न पहनना जैसी गलतियां करने पर गाड़ी चालकों के साथ सख्त रवैया अपनाया जाएगा।

नए नियमों के साथ ड्राइविंग लाइसेंस बनाने और रीन्यूअल को ऑनलाइन कॉम्प्लीट करना आसान बनाया जा रहा है। यह सिस्टम अधिकांश कागजी प्रक्रियाओं को डिजिटल कर देगा, जिससे RTO-ऑफिस में लंबी कतारें कम होंगी। कुछ मामलों में, लाइसेंस से जुड़े दस्तावेज़ों की वेरीफिकेशन बायोमेट्रिक आधार के साथ भी किया जा सकता है।

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सरकार का क्या कहना है

सरकार का मानना है कि नये नियम लागू होने से सड़क दुर्घटनाएं कम होंगी। भारत में हर साल सैकड़ों हजार दुर्घटनाएं होती हैं और लाखों लोग घायल या मारे जाते हैं। ड्राइविंग लाइसेंस से जुड़े इस नए सिस्टम से लोगों में जिम्मेदारी का भाव आएगा। पहले चालान भरने या जुर्माना भरने के बावजूद नियम तोड़ने वाले चालकों को अब सीधे लाइसेंस जोड़कर रोकने का प्रयास होगा।इस प्वाइंट प्रणाली से चालकों के ड्राइविंग व्यवहार पर निगरानी आसान होगी और वाहन चालकों में सकारात्मक बदलाव आएगा।

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