...तो आंध्र प्रदेश में बैन होंगे 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए फेसबुक-इंस्टाग्राम

आंध्र प्रदेश सरकार द्वारा ऑनलाइन मंच से संबंधित मौजूदा कानूनों, नियमों और दिशानिर्देशों की समीक्षा के लिए गठित एक समिति 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के इन मंचों के उपयोग को प्रतिबंधित या पूरी तरह से बंद करने की संभावना सहित विभिन्न पहलुओं पर विचार करेगी।
(प्रतीकात्मक तस्वीर, एआई)
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अमरावतीः आंध्र प्रदेश सरकार द्वारा ऑनलाइन मंच से संबंधित मौजूदा कानूनों, नियमों और दिशानिर्देशों की समीक्षा के लिए गठित एक समिति 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के इन मंचों के उपयोग को प्रतिबंधित या पूरी तरह से बंद करने की संभावना सहित विभिन्न पहलुओं पर विचार करेगी।

राज्य की गृह मंत्री वंगलापुडी अनीता ने शुक्रवार को कहा कि समिति में मंत्रियों का एक समूह (जीओएम) शामिल है। समिति का गठन अक्टूबर 2025 में किया गया था और यह अब एक महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। अनीता ने कहा कि समिति के निष्कर्षों को केंद्र के साथ साझा किया जाएगा।

मंत्री ने यह भी कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) मंत्री नारा लोकेश की अध्यक्षता में गठित मंत्रियों के समूह (जीओएम) में अनीता और स्वास्थ्य मंत्री सत्य कुमार सहित अन्य सदस्य शामिल हैं। समूह विभिन्न राज्य सरकारों और देशों द्वारा अपनाए जा रहे मॉडल का अध्ययन करेगा ताकि सर्वोत्तम मॉडल को अपनाया जा सके। ऑस्ट्रेलिया की सरकार ऐसा कानून लाई है जिसके तहत बच्चों के लिए सोशल मीडिया का उपयोग शुरू करने की आयु सीमा 16 वर्ष निर्धारित की गई है और सोशल मीडिया मंच को अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदार ठहराया जाएगा।

ऑस्ट्रेलिया के मॉडल का अध्ययन

अनीता ने बताया, ‘हम न केवल ऑस्ट्रेलियाई मॉडल का अध्ययन कर रहे हैं बल्कि पूरे देश और विश्व स्तर पर लागू किए जा रहे विभिन्न मॉडलों का भी अध्ययन कर रहे हैं। हमें सोशल मीडिया के दुरुपयोग को नियंत्रित करने के तरीकों और राज्य द्वारा इसे किस हद तक लागू किया जा सकता है, इस पर एक रिपोर्ट मिलेगी।’ उन्होंने कहा कि इस रिपोर्ट में कुछ सिफारिशें भी होंगी और इसे केंद्र सरकार के साथ साझा किया जाएगा। उन्होंने कहा, ‘या तो प्रतिबंध लगाया जाए या फिर पूरी तरह बंद किया जाए। इसे कैसे नियंत्रित किया जाए, यही मुख्य चुनौती है।’

‘फेसबुक’ का उदाहरण देते हुए मंत्री ने कहा कि कुछ सोशल मीडिया मंच उपयोगकर्ता की उम्र पूछते हैं लेकिन वे साइट पर दर्ज जन्मतिथि की प्रामाणिकता की जांच नहीं करते हैं। उन्होंने कहा, ‘हमारा मानना ​​है कि इन सोशल मीडिया मंच को उपयोगकर्ताओं से आयु प्रमाण पत्र अपलोड करने के लिए कहना चाहिए ताकि उनकी प्रामाणिकता सत्यापित हो सके।’ उन्होंने यह भी बताया कि ये कुछ सुझाव हैं जो पिछली चर्चाओं के दौरान सामने आए थे।

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मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू की नजर

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू से चर्चा करने के बाद आयोग से एक महीने के भीतर अपनी सिफारिशें प्रस्तुत करने की उम्मीद है। दावोस में मंत्री लोकेश ने कथित तौर पर कहा कि सरकार 16 वर्ष से कम उम्र के किशोरों द्वारा सोशल मीडिया के उपयोग पर प्रतिबंध लगाने पर विचार कर रही है। इस बयान का सत्तारूढ़ तेलुगु देशम पार्टी ने स्वागत किया। मंत्रियों के समूह का गठन एक अक्टूबर, 2025 को किया गया था और उसे सरकार को शीघ्र अपनी सिफारिशें प्रस्तुत करने का कार्य सौंपा गया था।

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