एक झटके में उड़ा ली खून-पसीने की कमाई

सब्जी विक्रेता के खाते से साइबर ठगों ने साफ किए रुपये
Their hard-earned money was stolen in an instant.
सांकेतिक फोटो
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निधि, सन्मार्ग संवाददाता

नदिया: शांतिपुर थाना अंतर्गत फुलिया तालतल्ला इलाके में रहने वाले एक गरीब सब्जी विक्रेता की मेहनत की कमाई पर साइबर अपराधियों ने सेंध लगा दी है। अपनी मीठी बातों और जालसाजी के दम पर ठगों ने फणि दास नामक व्यक्ति के बैंक खाते से 85 हजार रुपये उड़ा लिए। इस घटना के बाद से पीड़ित परिवार दाने-दाने को मोहताज होने की स्थिति में पहुँच गया है।

केवाईसी अपडेट के नाम पर बुना गया जाल

प्राप्त जानकारी के अनुसार, फणि दास के पास कुछ दिनों पहले एक अज्ञात नंबर से फोन आया। फोन करने वाले ने खुद को एक प्रतिष्ठित निजी बैंक का अधिकारी बताया। उसने अत्यंत शालीन और पेशेवर तरीके से बात करते हुए फणि को डराया कि उनके बैंक खाते का केवाईसी (KYC) अपडेट नहीं है। ठग ने चेतावनी दी कि यदि तुरंत प्रक्रिया पूरी नहीं की गई, तो उनका खाता स्थायी रूप से बंद कर दिया जाएगा और वे अपनी जमा राशि नहीं निकाल पाएंगे।

ओटीपी साझा करते ही हुआ तांडव

अपनी मेहनत की कमाई खोने के डर से फणि दास जालसाज के बुने हुए जाल में फंस गए। ठग ने औपचारिकता के नाम पर उनके मोबाइल पर एक ओटीपी (OTP) भेजा और उसे बताने को कहा। जैसे ही फणि ने वह गुप्त नंबर साझा किया, उनके मोबाइल पर धड़ाधड़ पैसे कटने के अलर्ट आने लगे। महज कुछ ही मिनटों के अंतराल में ठगों ने छह किस्तों में कुल 85 हजार रुपये पार कर दिए।

जीवनभर की पूंजी हुई स्वाहा

जब फणि ने मोबाइल के मैसेज देखे, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। 85 हजार रुपये की यह राशि उनके लिए मात्र एक संख्या नहीं थी, बल्कि वर्षों तक कड़ी धूप और बरसात में सब्जी बेचकर जोड़ी गई एक-एक पाई थी। उन्होंने यह पैसा अपनी बेटियों की शादी या किसी बड़ी विपत्ति के लिए बचाकर रखा था।

पुलिस और साइबर सेल की कार्रवाई

बेहवास फणि दास तुरंत शांतिपुर थाने पहुँचे और आपबीती सुनाई। पुलिस ने उनकी लिखित शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर सेल की मदद ली जा रही है ताकि ट्रांजैक्शन आईडी के जरिए अपराधियों तक पहुँचा जा सके। पुलिस ने एक बार फिर आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी अज्ञात व्यक्ति को फोन पर अपना ओटीपी, पिन या व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें।

इस घटना ने पूरे फुलिया इलाके में सनसनी फैला दी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन को साइबर सुरक्षा को लेकर और अधिक जागरूकता अभियान चलाने की आवश्यकता है ताकि फणि दास जैसे सरल लोग अपनी मेहनत की कमाई न गंवाएं।

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