रामनगर के युवाओं ने श्रमदान से बनाया पक्का कल्वर्ट, बस सेवा शीघ्र होगी बहाल

रामनगर के युवा एकजुट होकर श्रमदान के माध्यम से कल्वर्ट का निर्माण करते हुए, जिससे जल्द ही बस सेवा बहाल हो सकेगी
रामनगर के युवा एकजुट होकर श्रमदान के माध्यम से कल्वर्ट का निर्माण करते हुए, जिससे जल्द ही बस सेवा बहाल हो सकेगी
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सन्मार्ग संवाददाता

श्री विजयपुरम : ग्रामीण विकास और जनसेवा के क्षेत्र में एक प्रेरणादायक पहल के तहत ग्राम पंचायत रामनगर ने एक अत्यंत महत्वपूर्ण कदम उठाया है। ग्राम पंचायत के प्रधान मितुन दास के नेतृत्व में गांव के युवाओं ने सक्रिय रूप से आगे आकर श्रमदान में भाग लिया और एक पक्का कल्वर्ट का निर्माण किया। यह परियोजना विशेष रूप से उन छात्रों और आम जनता के लिए महत्वपूर्ण है जो राज्य परिवहन सेवा की बसों पर प्रतिदिन निर्भर हैं।

प्रधान मितुन दास ने बताया कि वर्तमान प्रशासनिक ढांचा पंचायती राज से संबंधित कार्यों को निष्पादित करना चुनौतीपूर्ण बना रहा है, क्योंकि अब अधिकांश परियोजनाओं की फाइलें निधि स्वीकृति हेतु मंत्रिस्तरीय स्तर पर भेजी जाती हैं। नियमित विभागीय प्रक्रिया के अनुसार बस सेवा की पुनः शुरूआत में एक वर्ष से अधिक का समय लग सकता था। इस असुविधा से जनता को बचाने और सेवा को शीघ्र बहाल करने के उद्देश्य से ग्राम पंचायत ने स्थानीय युवाओं और ग्रामीणों के सहयोग से श्रमदान के माध्यम से इस पक्का कल्वर्ट का निर्माण कार्य तुरंत शुरू किया।

निर्माण कार्य के दौरान स्थानीय युवाओं ने पूरी लगन और सामूहिक प्रयास से कल्वर्ट का ढांचा तैयार किया। पंचायत ने बताया कि कल्वर्ट के निर्माण के लिए लगभग 28 दिनों का क्यूरिंग पीरियड निर्धारित किया गया है, जिसके पूरा होने के बाद बस सेवा को पुनः बहाल किया जाएगा। यह कदम ग्राम पंचायत की सक्रियता और ग्रामीण विकास के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

ग्राम पंचायत रामनगर ने इस परियोजना को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी युवाओं और ग्रामीणों के प्रति आभार व्यक्त किया। प्रधान मितुन दास ने कहा कि यह पहल सिर्फ एक निर्माण कार्य नहीं है, बल्कि यह समाज और सामूहिक जिम्मेदारी की भावना को भी मजबूत करती है। उन्होंने यह भी कहा कि ग्रामीण विकास और जनसेवा के क्षेत्र में समुदाय की भागीदारी किसी भी परियोजना को समय से पूरा करने में निर्णायक भूमिका निभा सकती है। ग्राम पंचायत की यह पहल अन्य पंचायतों और ग्रामीण समुदायों के लिए भी एक उदाहरण प्रस्तुत करती है। श्रमदान के माध्यम से किए गए इस प्रयास से यह स्पष्ट हुआ कि सामूहिक प्रयास, समर्पण और नेतृत्व की शक्ति से प्रशासनिक बाधाओं के बावजूद समय पर समाधान संभव है। आगामी सप्ताहों में बस सेवा पुनः बहाल होने से ग्रामीणों और छात्रों की यात्रा सुगम और सुरक्षित हो जाएगी। इस पहल ने दिखाया कि जब समाज और प्रशासन मिलकर काम करते हैं, तो विकास की राह आसान हो सकती है और स्थानीय लोगों की जीवनशैली में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।

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