

सर्वोच्च न्यायालय ने सुरक्षा पर निर्देश जारी किए
सड़क उपयोगकर्ताओं में जागरूकता बढ़ाना आवश्यक
सन्मार्ग संवाददाता
श्री विजयपुरम : देशभर में सड़क दुर्घटनाएं लगातार मृत्यु और गंभीर चोटों के प्रमुख कारणों में से एक बनी हुई हैं, जिसके परिणामस्वरूप मानव जीवन की अपूरणीय क्षति हो रही है तथा परिवारों और समाज पर दीर्घकालिक सामाजिक और आर्थिक कठिनाइयाँ उत्पन्न हो रही हैं।परिवहन विभाग, अंडमान एवं निकोबार प्रशासन के अनुसार माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने भी बार-बार सड़क दुर्घटनाओं और मौतों में चिंताजनक वृद्धि पर गहरी चिंता व्यक्त की है तथा सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को यातायात कानूनों के कड़े पालन और व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने के स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं, ताकि सभी श्रेणी के सड़क उपयोगकर्ताओं के लिए सुरक्षित सड़कें सुनिश्चित की जा सकें।
समय-समय पर आम जनता को यातायात नियमों की अवहेलना के खतरनाक परिणामों के प्रति जागरूक करने के प्रयास किए जाते रहे हैं और सड़क उपयोगकर्ताओं के बीच मोटर वाहन कानूनों की जानकारी फैलाने के लिए निरंतर जागरूकता कार्यक्रम चलाए गए हैं। परिवहन विभाग, अंडमान एवं निकोबार प्रशासन ने एक बार पुनः सभी सड़क उपयोगकर्ताओं से मोटर वाहन अधिनियम 1988, केंद्रीय मोटर वाहन नियम (सीएमवीआर), एएनआईएमवीआर, आरआरआर आदि के प्रावधानों का सख्ती से पालन करने की अपील की है, ताकि वे अपनी सुरक्षा सुनिश्चित कर सकें तथा दूसरों को होने वाली हानि और क्षति को रोक सकें। सड़क सुरक्षा के कुछ महत्वपूर्ण पहलू जिनका उल्लंघन सड़क दुर्घटनाओं और मौतों के प्रमुख कारणों में पाया गया है, उन पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता बताई गई है। पैदल यात्री सड़क उपयोगकर्ताओं का सबसे संवेदनशील वर्ग माने जाते हैं और उन्हें विशेष सुरक्षा की आवश्यकता होती है। जनता को सलाह दी गई है कि पैदल यात्री केवल निर्धारित ज़ेब्रा क्रॉसिंग से ही सड़क पार करें और हर समय यातायात संकेतों का कड़ाई से पालन करें। अनधिकृत स्थानों से सड़क पार करना जीवन के लिए गंभीर खतरा उत्पन्न करता है और इससे बचना अनिवार्य है। वाहन चालकों के लिए यह अनिवार्य किया गया है कि वे पैदल पार पथ के निकट वाहन की गति धीमी करें, आवश्यकता पड़ने पर रुकें और पैदल यात्रियों को प्राथमिकता दें।
फुटपाथों और पैदल पार पथों पर वाहनों की पार्किंग या किसी भी प्रकार का अतिक्रमण पूर्णतः प्रतिबंधित है, क्योंकि इससे पैदल यात्रियों को सड़क पर उतरने के लिए विवश होना पड़ता है और दुर्घटनाओं का जोखिम बढ़ जाता है। ये निर्देश मोटर वाहन अधिनियम की धारा 119 एवं 138 तथा सीएमवीआर के नियम 11 के अंतर्गत लागू होते हैं और उल्लंघन पर धारा 177 के तहत दंड का प्रावधान है।
हेलमेट पहनना दोपहिया चालकों के लिए अनिवार्य
दो पहिया वाहन चालकों के लिए हेलमेट पहनना अनिवार्य है। दोपहिया दुर्घटनाओं में सिर की चोटें मृत्यु का प्रमुख कारण मानी गई हैं और मानक सुरक्षात्मक हेलमेट के उपयोग से चोटों की गंभीरता में कमी तथा जीवन की रक्षा सिद्ध हुई है। चालक और पीछे बैठने वाले दोनों के लिए बीआईएस प्रमाणित हेलमेट पहनना अनिवार्य है, जिसे सही तरीके से बांधना आवश्यक है। जहाँ लागू हो वहाँ बच्चों के लिए भी हेलमेट पहनना अनिवार्य बताया गया है। इन प्रावधानों का उल्लंघन मोटर वाहन अधिनियम की धारा 129 के अंतर्गत दंडनीय अपराध है और धारा 194डी के तहत एक हजार रुपये जुर्माना तथा तीन माह के लिए ड्राइविंग लाइसेंस निलंबन का प्रावधान है। गलत दिशा में वाहन चलाना, अवैध लेन परिवर्तन और लेन अनुशासन की कमी घातक आमने-सामने की टक्करों और गंभीर सड़क दुर्घटनाओं के प्रमुख कारणों के रूप में सामने आए हैं। सभी वाहन चालकों को केवल सही दिशा में वाहन चलाने, लेन चिह्नों और यातायात संकेतों का पालन करने तथा अचानक या असुरक्षित लेन परिवर्तन से बचने के निर्देश दिए गए हैं। गलत दिशा से ओवरटेक करना और लापरवाही से वाहन चलाना स्वयं के साथ-साथ अन्य निर्दोष सड़क उपयोगकर्ताओं को भी खतरे में डालता है। ऐसे कृत्य मोटर वाहन अधिनियम की धारा 184 सहित संबंधित धाराओं के अंतर्गत दंडनीय हैं। उच्च तीव्रता वाली सफेद एलईडी लाइटें, लाल-नीली फ्लैश लाइटें तथा अनधिकृत हूटर सार्वजनिक सड़कों पर गंभीर सुरक्षा खतरा बन गए हैं। इनसे चकाचौंध, भ्रम और अस्थायी अंधापन उत्पन्न होता है, जिससे दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ जाती है। जनता को सूचित किया गया है कि केवल निर्माता द्वारा स्वीकृत हेडलाइट, फॉग लैंप और हॉर्न का ही उपयोग किया जाए। निजी वाहनों में तेज एलईडी लाइट, फ्लैश लाइट और अनधिकृत हूटर का उपयोग पूर्णतः प्रतिबंधित है। परिवहन विभाग, अंडमान एवं निकोबार प्रशासन ने सभी नागरिकों से यातायात नियमों का बिना किसी अपवाद के पालन करने, अन्य सड़क उपयोगकर्ताओं का सम्मान करने तथा जिम्मेदार सड़क उपयोग की संस्कृति विकसित करने की अपील की है। मोटर वाहन चालकों और सवारियों को व्यक्तिगत सुरक्षा और कानूनी अनुपालन के लिए मोटर वाहन कानूनों का पालन करने की सलाह दी गई है तथा उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई जारी रहने की बात कही गई है।