

कोलकाता: विधानसभा चुनाव से पहले उत्तर बंगाल के डुआर्स का चाय बेल्ट एक बार फिर सियासी गतिविधियों का केंद्र बन गया है। टीएमसी ने अलीपुरदुआर जिले के 65 चाय बागानों में विशेष अभियान शुरू करते हुए अपना नारा दिया है, ‘आबार जीतबे चा श्रमिकरा’ (चाय श्रमिक फिर जीतेंगे)। हिंदी में छपे लगभग 65 हजार पर्चों के जरिए पार्टी सीधे श्रमिक परिवारों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।
जिले की पांचों विधानसभा सीटों पर चाय बागान मजदूर निर्णायक मतदाता माने जाते हैं। वर्ष 2021 में इन सीटों पर भाजपा को जीत मिली थी, ऐसे में टीएमसी इस बार चाय श्रमिकों को साधने पर विशेष जोर दे रही है। पार्टी के जिला अध्यक्ष तथा सांसद प्रकाश चिक बड़ाइक के अनुसार, ट्रेड यूनियन कार्यकर्ता घर-घर जाकर राज्य सरकार की योजनाओं और भविष्य के वादों की जानकारी दे रहे हैं।
अभियान में मजदूरी बढ़ाकर 250 से 300 रुपये प्रतिदिन करने का वादा प्रमुखता से रखा गया है। साथ ही चाय बागानों में 53 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को 10-बेड सुविधा और एंबुलेंस से लैस करने, क्रेच और स्कूल बस सेवाओं के विस्तार का भी जिक्र है। टीएमसी नेताओं का कहना है कि ममता बनर्जी की सरकार ने पहली बार चाय श्रमिकों के कल्याण को प्राथमिकता दी है। माइक्रो लेवल बैठकों के जरिए पार्टी यह संदेश देने में जुटी है कि चाय बागान श्रमिकों की “जीत” ही उनकी राजनीतिक प्राथमिकता है।