

सन्मार्ग संवाददाता
श्री विजयपुरम : मरीना पार्क स्ट्रेच रोड पर आयोजित सी-फूड फेस्टिवल 2026 का शनिवार को भव्य समापन हुआ। यह उत्सव समुद्री स्वाद, परंपरा और सांस्कृतिक विरासत को समर्पित था और मत्स्य विभाग द्वारा आईपी एंड टी विभाग, अंडमान-निकोबार प्रशासन के सहयोग तथा राष्ट्रीय मत्स्य विकास बोर्ड, हैदराबाद के वित्तीय समर्थन से आयोजित किया गया।
इस वर्ष के फेस्टिवल में ‘टूना क्लस्टर विकास’ पर विशेष जोर दिया गया। आयोजकों ने फेस्टिवल की थीम को ‘सभी के लिए सुरक्षित, पौष्टिक और सतत समुद्री खाद्य’ के रूप में रखा। कार्यक्रम के समापन समारोह की मुख्य अतिथि सचिव (मत्स्य) ज्योति कुमारी, आईएएस रहीं। उन्होंने आम जनता के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया और मत्स्य मूल्य श्रृंखला में मछुआरों, व्यापारियों, प्रोसेसरों, विक्रेताओं, होटल-रेस्तरां और उपभोक्ताओं की भूमिका पर प्रकाश डाला।
सचिव (मत्स्य) ने द्वीपों में समुद्री खाद्य की संभावनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि भविष्य में ऐसे आयोजनों को नियमित रूप से आयोजित किया जाएगा, ताकि स्थानीय समुद्री संसाधनों का सतत उपयोग सुनिश्चित हो सके और पर्यटन व व्यवसाय दोनों को लाभ मिल सके।
समापन समारोह में विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए गए। प्रतियोगिताओं में सी-फूड पकवान, मूल्यवर्धित उत्पाद, मछली प्रदर्शनी और सांस्कृतिक कार्यक्रम शामिल थे। कार्यक्रम में निदेशक (मत्स्य) जगताप कल्याणी राजेंद्र सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।
दो दिवसीय आयोजन में लाइव, ताजा, ठंडी और जमी हुई मछलियों, मूल्यवर्धित समुद्री उत्पाद, एक्वेरियम और फिश फीड प्रदर्शनी ने दर्शकों को आकर्षित किया। साथ ही सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मेले की रौनक को बढ़ाया।
फेस्टिवल ने न केवल समुद्री खाद्य के महत्व को उजागर किया, बल्कि मछुआरों और व्यापारियों को अपनी उपज और कौशल प्रदर्शित करने का अवसर भी दिया। आयोजन ने द्वीपों में समुद्री खाद्य पर्यटन को बढ़ावा देने और स्थानीय अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया।
महीनों की तैयारी और मेहनत के बाद यह दो दिवसीय उत्सव दर्शकों और प्रतिभागियों के लिए एक यादगार अनुभव साबित हुआ, जिसमें शिक्षा, मनोरंजन और व्यावसायिक अवसरों का समन्वय देखने को मिला।