गरिया रूट पर बिना परमिट की बसों पर आरटीओ की पैनी नजर !
निधि, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता: कोलकाता और दक्षिण 24 परगना के महत्वपूर्ण बस रूटों पर बिना परमिट के अवैध रूप से चल रही बसों पर अब बड़े पैमाने पर कार्रवाई की तैयारी शुरू हो गई है। अन्नपूर्णा जाति परिवहन परिसेवा (वेस्ट बंगाल बस सिंडिकेट से संबद्ध) की शिकायत और कलकत्ता उच्च न्यायालय के कड़े रुख के बाद आरटीओ (RTO) अलीपुर कार्यालय ने स्पष्ट कर दिया है कि गंगासागर मेले के समापन के तुरंत बाद बना परमिट चल रही बसों को जब्त करने का अभियान तेज किया जाएगा। सिंडिकेट के उपाध्यक्ष सुरोजीत सिन्हा और बस मालिकों का आरोप है कि गरिया स्टेशन से सांतरागाछी, उल्टाडांगा और बागबाजार (वाया बाईपास) जैसे रूटों पर लगभग 300 बसें बिना वैध परमिट के चल रही हैं।
वैध बस मालिकों का आरोप, उठाना पड़ रहा है उन्हें भारी नुकसान
इस मामले में हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने 2 जनवरी 2025 को आदेश जारी कर दक्षिण 24 परगना के जिला मजिस्ट्रेट (DM) को इन अवैध बसों पर रोक लगाने का निर्देश दिया था। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि कोर्ट के आदेश के बाद कुछ समय तक स्थिति सुधरी थी, लेकिन अब फिर से अवैध बसों की संख्या नाटकीय रूप से बढ़ गई है। अन्नपूर्णा जाति परिवहन परिसेवा के सदस्यों का कहना है वैध परमिट होने के बावजूद उन्हें भारी वित्तीय नुकसान उठाना पड़ रहा है। अवैध बसों के कारण उनकी आय इतनी कम हो गई है कि वे अपनी बसों की बैंक ईएमआई (EMI) भरने में असमर्थ हैं। उन्हें डर है कि उनकी बसें बैंक द्वारा जब्त (Towing) कर ली जाएंगी। वहीं इस पूरे विवाद पर अलीपुर आरटीओ कार्यालय के अधिकारियों ने स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि कुछ बसों के 15 साल पुराने होने के कारण परमिट नवीनीकरण को लेकर असमंजस की स्थिति थी। कोर्ट के आदेश के बाद मालिकों को परमिट संबंधी प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। गंगासागर मेले के बाद प्रशासन पूरी सख्ती बरतेगा और बिना परमिट के सड़क पर उतरने वाली एक भी बस को बख्शा नहीं जाएगा।

