1940 से विरासत संभाल रहे हैं मशहूर रसल एक्चेंज ऑक्शन हाउस

1940 से विरासत संभाल रहे हैं मशहूर रसल एक्चेंज ऑक्शन हाउस
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इतिहास और आधुनिकता का संगम

एंटीक वस्तुओं के लिए है बेहद ही खास

सबिता राय, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : यह बेहद ही खास और दिलचस्प है कि 1940 से अपनी विरासत को संभाले हुए है कोलकाता का मशहूर ऑक्शन हाउस। इतिहास और आधुनिकता का संगम बखूबी यहां देखा जा सकता है। जी हां, रसल स्ट्रीट स्थित रसल एक्सचेंज ( The Russell Exchange) वर्ष 1940 में स्थापित यह ऐतिहासिक ऑक्शन हाउस आज भी एशिया के प्रमुख नीलामी घरों में अपनी विशिष्ट पहचान बनाए हुए है। यहां हर सप्ताह आयोजित होने वाली नीलामी में शहर ही नहीं, बल्कि देश के विभिन्न हिस्सों से संग्राहक, कला प्रेमी और व्यवसायी हिस्सा लेने पहुंचते हैं। रविवार को यहां का नजारा ही अलग होता है। एंटीक फर्नीचर, ब्रिटिश कालीन सजावटी सामान, पुरानी पेंटिंग्स, विंटेज घड़ियां, झूमर इत्यादि कई वस्तुओं के कारण इस हाउस को एक अलग बनती है। खरीददार इस पर बोली लगाते हैं। उल्लेखनीय है कि कई वस्तुएं दशकों पुरानी होने के कारण ऐतिहासिक महत्व रखती हैं। आयोजकों का कहना है कि समय के साथ नीलामी प्रक्रिया में पारदर्शिता और आधुनिक तकनीक का समावेश किया गया है। पारंपरिक ऑक्शन का आकर्षण बरकरार है। इतिहास और वर्तमान के अनोखे संगम के रूप में यह ऑक्शन हाउस कोलकाता की सांस्कृतिक और व्यापारिक विरासत का अहम हिस्सा बन चुका है। लगातार बढ़ती भागीदारी यह दर्शाती है कि एंटीक और विरासत से जुड़ी वस्तुओं के प्रति लोगों की रुचि आज भी कम नहीं हुई है।

यहां हम सभी एंटीक हैं...

इसे चलाने वालाें में से एक अनवर सलीम कहते हैं कि यह ऑक्शन हाउस एशिया का सबसे पुराना है। हर संडे यहां ऑक्शन होता है। लोग आते हैं सामान खरीदते हैं। पुरानी सामग्री के साथ ही नयी भी होती है। यहां एक अलग सेक्शन भी है जहां लोग खरीददारी भी कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि इस पर डॉक्युमेंटी फिल्म भी बनी है। यह हमारा फैमिली करोबार है। यहां जितने सहकर्मी या कर्मचारी हैं, सभी थर्ड जेनरेशन हैं। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि यहां हम सभी एंटिक हैं।

क्यों है खास?

एशिया के प्रमुख ऑक्शन हाउसों में शुमार

एंटीक और विंटेज वस्तुओं का बड़ा संग्रह है

कई जगत के लिए के लोगों की पसंदीदा जगह बन चुकी है

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