

कोलकाता : राज्य के पंचायत मंत्री दिलीप घोष ने पश्चिम बंगाल विधानसभा में पंचायत विभाग के बजट पर चर्चा के दौरान सोमवार को उन पंचायत प्रमुखों को चेतावनी दी जो अपने अपने कार्यालयों से गायब रहते हैं। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने पहले जबरदस्ती कब्जे या गड़बड़ियों के जरिए पंचायतों का कामकाज संभाला था, वे अब जनता का सामना करने से डर रहे हैं। दिलीप घोष ने आरोप लगाया कि इसी वजह से वे पंचायत दफ्तर नहीं जा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि ऐसे हालात में आम लोगों के लिए सेवाएं बाधित हो रही हैं और प्रशासनिक कामकाज पर बुरा असर पड़ रहा है।
नया विधेयक पेश किया जाएगा
अनुपस्थित रहने वाले पंचायत प्रधानों को कड़ा संदेश देते हुए, मंत्री दिलीप घोष ने एक बार फिर पंचायत व्यवस्था में बड़े प्रशासनिक बदलावों का संकेत दिया। मंत्री ने यह भी घोषणा की कि पंचायत प्रधानों की वित्तीय शक्तियों को सीमित करने के लिए एक नया विधेयक पेश किया जाएगा। इस दिन दिलीप घोष ने पंचायत प्रमुखों को चेतावनी देते हुए कहा, अगर आप पंचायत नहीं आते हैं, तो या तो इस्तीफा दे दें, वरना पुलिस आपकी कमर में रस्सी बांधकर आपको वहां घसीटकर ले जाएगी ! आम जनता की सेवा में बाधा बर्दाश्त नहीं किया जायेगा।