

निधि, सन्मार्ग संवाददाता
खड़दह: नए साल की शुरुआत के साथ ही खड़दह शहर रंगों और सुगंध के जादुई संसार में डूब गया है। खड़दह पुष्प प्रदर्शनी समिति ने इस वर्ष अपनी सफलता के 27 गौरवशाली वर्ष पूरे कर लिए हैं। इस उपलक्ष्य में १ जनवरी २०२६ की शाम को भव्य पुष्प, विज्ञान और सांस्कृतिक प्रदर्शनी का विधिवत उद्घाटन किया गया। प्रकृति, शिक्षा और कला का यह अनूठा संगम आगामी ४ जनवरी तक जारी रहेगा।
इस २७वें आयोजन का उद्घाटन साहित्य और चिकित्सा जगत की दो महान विभूतियों द्वारा किया गया। विशिष्ट साहित्यकार एवं अकादमी पुरस्कार से सम्मानित नवकुमार बोस और प्रसिद्ध कैंसर विशेषज्ञ व रवींद्र पुरस्कार प्राप्त डॉ. शंकर नाथ ने दीप प्रज्वलित कर इस चार दिवसीय उत्सव की शुरुआत की। अतिथियों ने अपने संबोधन में प्रकृति के संरक्षण और समाज में विज्ञान की महत्ता पर विशेष बल दिया।
इस वर्ष प्रदर्शनी का मुख्य आकर्षण खड़दহ-रहड़ा गवर्नमेंट कॉलोनी मैदान बना हुआ है, जहाँ ढाई हजार से अधिक गमलों में फूलों का संसार सजाया गया है। प्रदर्शनी में आने वाले दर्शकों के लिए निम्नलिखित आकर्षण केंद्र बने हुए हैं:
दुर्लभ बोन्साई और कैक्टस: कलात्मक रूप से तराशे गए पुराने बोन्साई और रेगिस्तानी कैक्टस की विभिन्न प्रजातियाँ।
सर्दियों के विशेष फूल: विशाल डहलिया, रंग-बिरंगी चंद्रमल्लिका (क्राइसेंथेमम), पमपम और गेंदा की ढेरों किस्में।
विशेष आकर्षण: शानदार गुलाब, दुर्लभ ऑर्किड और औषधीय गुणों वाले पौधों के साथ-साथ गमलों में उगाए गए फल और सब्जियां।
पूरा मैदान मानो फूलों की रंगीन चादर से ढका हुआ है, जो प्रकृति प्रेमियों के लिए किसी स्वर्ग से कम नहीं है।
फूलों की खूबसूरती के साथ-साथ हरिसभा नेताजी संघ के मैदान में ज्ञान और मनोरंजन की भी व्यवस्था की गई है। यहाँ आयोजित विज्ञान प्रदर्शनी में स्थानीय छात्रों और शोधकर्ताओं द्वारा बनाए गए मॉडल लोगों को भविष्य की तकनीक और पर्यावरण सुरक्षा के प्रति जागरूक कर रहे हैं। वहीं, प्रत्येक शाम आयोजित होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों में संगीत, नृत्य और नाटकों के माध्यम से बंगाल की समृद्ध विरासत को दर्शाया जा रहा है।
उद्घाटन के पहले ही दिन से प्रदर्शनी देखने के लिए लोगों का सैलाब उमड़ पड़ा है। परिवारों, छोटे बच्चों और फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए यह स्थान 'सेल्फी पॉइंट' बन गया है। समिति के सदस्यों ने बताया कि यह आयोजन न केवल मनोरंजन का साधन है, बल्कि नई पीढ़ी को पर्यावरण के प्रति संवेदनशील बनाने की एक मुहिम भी है।
यदि आप भी प्रकृति की सुंदरता और विज्ञान के चमत्कारों को एक साथ देखना चाहते हैं, तो खड़दह की यह प्रदर्शनी ४ जनवरी तक आपका स्वागत करने के लिए तैयार है।