

एनएसडी रेपर्टरी कंपनी द्वारा हिंदी नाटकों का मंचन
सन्मार्ग संवाददाता
श्री विजयपुरम : भारत रंग महोत्सव के 25वें संस्करण – इंटरनेशनल थिएटर फेस्टिवल ऑफ इंडिया के अंतर्गत नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (एनएसडी), नई दिल्ली, कला एवं संस्कृति निदेशालय, अंडमान एवं निकोबार प्रशासन के सहयोग से डॉ. बी. आर. आंबेडकर ऑडिटोरियम, एसवीपीएमसी, श्री विजयापुरम में तीन दिवसीय रंगमंच महोत्सव का आयोजन करेगा। यह प्रतिष्ठित तीन दिवसीय आयोजन 13 से 15 फरवरी 2026 तक आयोजित किया जाएगा, जिसके माध्यम से विश्व स्तरीय नाट्य प्रस्तुतियां द्वीपों तक पहुंचेंगी। इस महोत्सव में नई दिल्ली स्थित एनएसडी रेपर्टरी कंपनी द्वारा हिंदी में तीन आकर्षक नाटकों का मंचन किया जाएगा, जो भारतीय रंगमंच की समृद्ध विविधता को प्रदर्शित करेगा। इसके अनुसार 13 फरवरी को शाम 6 बजे ‘ताजमहल का टेंडर’ (लेखक अजय शुक्ला एवं निर्देशक चित्तरंजन त्रिपाठी) का मंचन किया जाएगा। 14 फरवरी को शाम 6 बजे ‘माई री मैं का से कहूं’ (लेखक विजयदान देथा एवं निर्देशक अजय कुमार) प्रस्तुत किया जाएगा। 15 फरवरी को दर्शक शाम 6 बजे ‘बाबूजी’ (लेखक मिथिलेश्वर, रूपांतरण विभांशु वैभव एवं निर्देशक राजेश सिंह) नाटक का आनंद ले सकेंगे। यह सहयोग दोनों संगठनों की उस प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है जिसके तहत अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह जैसे दूरस्थ क्षेत्रों में सांस्कृतिक आदान-प्रदान और कलात्मक उत्कृष्टता को बढ़ावा दिया जा रहा है।
नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा विश्व के अग्रणी रंगमंच प्रशिक्षण संस्थानों में से एक है तथा भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के अधीन एक स्वायत्त संस्था है। एनएसडी प्रतिवर्ष भारत रंग महोत्सव का आयोजन करता है, जो भारत का सबसे बड़ा रंगमंच महोत्सव माना जाता है और जिसमें राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय प्रस्तुतियां शामिल होती हैं। सामान्य जन से इस अवसर का लाभ उठाने तथा नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा जैसी प्रतिष्ठित संस्था द्वारा मंचित नाटकों को देखने का आग्रह किया गया है। तीनों दिनों में प्रस्तुतियों के लिए प्रवेश निःशुल्क रहेगा। कला एवं संस्कृति विभाग, अंडमान एवं निकोबार प्रशासन विभिन्न पहलों, कला उत्सवों और सामुदायिक कार्यक्रमों के माध्यम से अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह की सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण और संवर्धन के लिए प्रतिबद्ध है।