

मुनमुन, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : उल्टडांगा स्थित ऐतिहासिक स्टेट सेंट्रल लाइब्रेरी का नाम जल्द ही बदलकर 'डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी लाइब्रेरी' होने जा रहा है। राज्य के पुस्तकालय और जन शिक्षा मंत्री गौरीशंकर घोष ने इस संबंध में एक आधिकारिक प्रस्ताव मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के पास भेज दिया है। यह महत्वपूर्ण निर्णय भारतीय जनसंघ के संस्थापक और महान शिक्षाविद् डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की वर्षगांठ के अवसर पर लिया गया है। मंत्री ने इसे देश के महान सपूत को सच्ची श्रद्धांजलि करार दिया है।
कैबिनेट बैठक में नामकरण प्रस्ताव पर नजर
मंत्री द्वारा मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्ताव की फाइल भेजी जा चुकी है, जिस पर आगामी 6 अगस्त को होने वाली कैबिनेट बैठक में आधिकारिक मुहर लगने की पूरी संभावना है। इस ऐतिहासिक कदम का मुख्य उद्देश्य युवा पीढ़ी को देश के महान विभूतियों के योगदान से परिचित कराना और उनके आदर्शों को जीवित रखना है। सरकार के इस संभावित फैसले से पुस्तकालय के गौरवशाली इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ेगा, जिससे शिक्षा और संस्कृति के क्षेत्र में डॉ. मुखर्जी के विचारों को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी। पुस्तकालय से जुड़े पाठकों और स्थानीय लोगों में इस बदलाव को लेकर काफी सकारात्मक चर्चाएं शुरू हो गई हैं।