

सर्जना शर्मा
नयी दिल्ली : भारत अपनी पासपोर्ट सेवाओं को विश्वस्तरीय बनाने के लिए प्रतिबद्ध है सभी 542 लोकसभा क्षेत्रों में विदेश मंत्रालय पासपोर्ट सेवा केंद्र खोलेगा। फिलहाल भारत में कुल 545 पासपोर्ट केंद्र हैं । अभी 30 संसदीय क्षेत्रों में पासपोर्ट सेवा केंद्र नहीं है इस साल के अंत तक दस लोकसक्षा क्षेत्रों में पासपोर्ट केंद्र खोल दिए जायेंगे । बाकी 20 निर्वाचन क्षेत्रों में भी जल्द ही प्रकिया पूरी की जाएगी। विदेश मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार भारत की कुल आबादी के केवल 10 फीसदी नागरिकों के पास पासपोर्ट हैं। अब जबकि दुनिया एक ग्लोबल विलेज बनती जा रही है और भारत के दुनिया के अनेक देशों के साथ पीपुल्स मोबिलिटी समझौतों पर हस्ताक्षर हो रहे हैं तो बेहतरीन पासपोर्ट सेवा की ज़रूरत है। और भारतीय लोग विदेश यात्राओं पर भी खूब जाने लगे हैं।
भारत में 24 जून 1967 को पासपोर्ट अधिनियम लागू किया गया था। भारत सरकार ने 2014 से पासपोर्ट दिवस मनाना शुरू किया था। इस अवसर पर विदेश मंत्रालय अपने क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारियों का सम्मेलन बुलाता है उनके कामकाज की समीक्षा की जाती है और बेहतर सेवाएं देने वाले आरपीओ को सम्मानित करता है। सम्मान केंद्रों की बेहतरीन सेवाओं के आधार पर दिया जाता है। पासपोर्ट दिवस मनाने का उदेश्य नागरिकों के लिए पासपोर्ट सेवाओं को सुगम , सरल और पारदर्शी बनाना है। विदेश मंत्रालय की पासपोर्ट सेवा के अफसरों ने बताया कि अब 6 दिन के भीतर पासपोर्ट जारी कर दिया जाता है लेकिन इसमें पुलिस वेरिफिकेशन का समय शामिल नहीं है। ज्यादा समय इसी प्रक्रिया में लगता है। अनेक लोगों को पुलिस वेरिफिकेशन में बहुत समस्याएं आती है और समय भी लगता है। अब विदेश मंत्रालय गृह मंत्रालय के साथ मिल कर ये समस्या भी हल करेगा ताकि नागरिकों को मुश्किलों का सामना न करना पड़े। विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने दावा किया कि पासपोर्ट प्राप्त करने के लिए नागरिकों को पासपोर्ट केंद्र में केवल 45 मिनट का समय लग रहा है। पासपोर्ट केंद्रों को सिटीजन फ्रेंडली बनाया जा रहा है हर तरह की सुविधाएं दी जा रही हैं । छोटे बच्चों के साथ आने वाली मां ,उम्रदराज लोग, दिव्यांगों के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं।
विदेश मंत्रालय का कहना है कि उनको भारतीय नागरिकों की विदेश यात्राओं को सुगम और सुविधाजनक बनाना है । अब जो चिप वाले पासपोर्ट बनाए जा रहे हैं उससे इमीग्रेशन में कम से कम समय लगता है। विदेश मंत्रालय ने नकली पासपोर्ट बनाए जाने की गुजांईश लगभग समाप्त कर दी है। युवा विदेशों में पढ़ने और काम करने जा रहे हैं इसलिए यूथ फ्रेंडली पासपोर्ट स्कीम बनायी गयी हैं। जो लोग बहुत शिक्षित नहीं हैं और विदेशों में नौकरी कर रहे हैं उनको पूरी सुरक्षा दी जा रही है विदेशों में चल रहे भारतीय वीजा केंद्र हर समय सहायता के लिए तैयार रहते हैं। विदेश मंत्रालय के अधिकारी के अनुसार फिलहाल दुनिया के 27 देश भारतीय नागरिकों के लिए वीजा फ्री हैं , 47 देश पहुंचने पर वीजा देते हैं और 66 देश ई वीजा दे रहे हैं।