मतुआ समुदाय को नागरिकता के नाम पर ठगा गया : अभिषेक

उठायी मांग : 'या तो बिना शर्त नागरिकता दे, वरना कुर्सी छोड़ दे'
The Matua community has been cheated in the name of citizenship: Abhishek
ठाकुरबाड़ी पहुंचे सांसद अ​भिषेक बनर्जी
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सन्मार्ग संवाददाता

ठाकुरनगर: तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने शुक्रवार को ठाकुरबाड़ी (ठाकुरनगर) में मत्था टेकने के बाद केंद्र की भाजपा सरकार पर तीखा प्रहार किया। अभिषेक बनर्जी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि केंद्र सरकार ने मतुआ समुदाय की भावनाओं के साथ राजनीतिक खिलवाड़ किया है और नागरिकता के नाम पर उन्हें केवल धोखा दिया है। अभिषेक बनर्जी ने प्रधानमंत्री मोदी के पुराने वादों को याद दिलाते हुए कहा, प्रधानमंत्री ने रानाघाट और बनगांव की रैलियों में मतुआ भाइयों को बिना शर्त नागरिकता देने का वादा किया था। आज वे उन्हें 'अवैध' कह रहे हैं। अगर मतुआ अवैध हैं, तो आपकी सरकार और उसके चुने हुए प्रतिनिधि भी उसी तर्क से अवैध हैं।

उन्होंने केंद्र के नागरिकता कानून पर सवाल उठाते हुए कहा कि आज आवेदन के लिए पासपोर्ट और वीजा विवरण मांगे जा रहे हैं, जो मतुआ समुदाय के लिए असंभव है। उन्होंने ललकारते हुए कहा, 'या तो बिना शर्त नागरिकता दें, वरना अपनी कुर्सी छोड़ दें।'

ठाकुरबाड़ी किसी की पैतृक संपत्ति नहीं

2023 के अपने 'नबो ज्वार' कार्यक्रम का जिक्र करते हुए अभिषेक ने कहा कि ठाकुरबाड़ी आस्था का केंद्र है और यहां आने से उन्हें कोई नहीं रोक सकता। उन्होंने बिना नाम लिए भाजपा सांसद शांतनु ठाकुर पर निशाना साधते हुए कहा, 'जिन्होंने मुझे रोकने की कोशिश की, वे अपने ही बूथ पर पंचायत चुनाव हार गए। लोगों ने साबित कर दिया है कि यह पवित्र स्थान किसी की पैतृक संपत्ति नहीं है।' अभिषेक बनर्जी ने कहा कि वे मंदिर परिसर में राजनीति नहीं करना चाहते, क्योंकि यह उनकी संस्कृति के खिलाफ है। उन्होंने कहा, 'राजनीति के लिए मैदान खुला है। जो लोग आज मतुआ समुदाय का समर्थन पाकर उन्हें ही छोड़ने की बात कर रहे हैं और एक लाख नाम हटाने की धमकी दे रहे हैं, जनता उन्हें जल्द ही जवाब देगी।'

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