मंगलूटन रेंज ने अवैध लकड़ी और वन उत्पाद जब्त किया, मामला दर्ज

दक्षिण अंडमान में लकड़ी के अवैध कारोबार का भंडाफोड़
मंगलूटन रेंज ने अवैध लकड़ी और वन उत्पाद जब्त किया, मामला दर्ज
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सन्मार्ग संवाददाता

श्री विजयपुरम : दक्षिण अंडमान में वन संपदा के अवैध दोहन के खिलाफ वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए लकड़ी के अवैध कारोबार का पर्दाफाश किया है। विश्वसनीय गुप्त सूचना के आधार पर 29 जनवरी 2026 को दक्षिण अंडमान वन मंडल के अंतर्गत मंगलूटन रेंज एवं गराचरमा रेंज की संयुक्त टीम ने एक सुनियोजित तलाशी अभियान चलाया।

यह कार्रवाई इंद्रानगर, दक्षिण अंडमान निवासी मंडकलाई के आवास एवं उससे जुड़े परिसर में की गई। तलाशी के दौरान अधिकारियों को भारी मात्रा में अवैध रूप से संचित वन उत्पाद मिले, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि क्षेत्र में लंबे समय से अवैध लकड़ी का कारोबार संचालित किया जा रहा था।

वन विभाग की टीम ने मौके से कुल 1.195 घन मीटर हाथ से आरी द्वारा कटी लकड़ी, पदौक प्रजाति की अर्धनिर्मित लकड़ी के 23 टुकड़े, फर्नीचर के 10 विभिन्न आइटम तथा लकड़ी काटने और प्रसंस्करण में प्रयुक्त तीन मशीनरी उपकरण बरामद किए। सभी जब्त सामग्री को विधिसम्मत प्रक्रिया के तहत सुरक्षित अभिरक्षा के लिए मंगलूटन रेंज के कस्टोडियन अधिकारी को सौंप दिया गया है।

प्रारंभिक जांच में यह पाया गया कि जब्त की गई लकड़ी और वन उत्पादों के संबंध में कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए, जिसके आधार पर आरोपित के विरुद्ध भारतीय वन अधिनियम, 1927 की सुसंगत धाराओं के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है। वन विभाग द्वारा आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है और मामले की गहन जांच की जा रही है, ताकि इस अवैध नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी पहचान की जा सके।

यह संपूर्ण अभियान मंगलूटन रेंज के रेंजर अमलेन्दु मंडल की प्रत्यक्ष निगरानी में संपन्न हुआ। विभागीय अधिकारियों ने कहा कि वन संपदा की रक्षा के लिए ऐसे अभियान भविष्य में भी लगातार जारी रहेंगे और अवैध गतिविधियों में संलिप्त लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

वन विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि उन्हें अवैध लकड़ी कटाई, तस्करी या किसी भी प्रकार के वन एवं वन्यजीव अपराध की जानकारी मिले, तो वे तुरंत वन विभाग की हेल्पलाइन 03192-255228 पर सूचना दें। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया कि सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।

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