

गणतंत्र दिवस समारोह में उपराज्यपाल ने गिनायीं उपलब्धियां
सन्मार्ग संवाददाता
श्री विजयपुरम : 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह के उपराज्यपाल एडमिरल डी.के. जोशी (सेवानिवृत्त) ने द्वीपवासियों को शुभकामनाएं देते हुए स्वतंत्रता सेनानियों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि इन्हीं वीर सपूतों के त्याग और बलिदान से भारत एक संप्रभु, लोकतांत्रिक गणराज्य के रूप में स्थापित हो सका। श्री विजयपुरम में आयोजित राज्य स्तरीय गणतंत्र दिवस समारोह को संबोधित करते हुए उपराज्यपाल ने कहा कि यह दिवस संविधान की गरिमा, लोकतांत्रिक मूल्यों और राष्ट्र निर्माण के प्रति हमारी सामूहिक जिम्मेदारी का स्मरण कराता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह ‘विकसित भारत’ के संकल्प को साकार करने की दिशा में विकास, सुरक्षा और सुशासन के पथ पर निरंतर अग्रसर है। अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए उपराज्यपाल ने शिपिंग और समुद्री परिवहन सेवाओं के सुदृढ़ीकरण पर विशेष बल दिया। उन्होंने बताया कि केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्रालय की स्वीकृति के बाद कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड को चार नए जहाजों के निर्माण का कार्य सौंपा गया है। प्रत्येक जहाज में 500 यात्रियों और 150 मीट्रिक टन माल वहन करने की क्षमता होगी और ये एमवी सिंधु तथा एमवी नालंदा के समान होंगे। उन्होंने बताया कि पुराने जहाजों जैसे एमवी चावरा और एमवी डैरिंग के स्थान पर कुल 32 जहाजों के चार्टर की प्रक्रिया भी चल रही है। इनमें दो जहाज 300 यात्रियों की क्षमता वाले और 11 जहाज 250 यात्रियों की क्षमता वाले होंगे। इस पूरी व्यवस्था पर लगभग 320 करोड़ रुपये का वार्षिक व्यय अनुमानित है, जिससे द्वीपों के बीच समुद्री संपर्क और अधिक सुदृढ़ होगा।
पर्यटन क्षेत्र की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए उपराज्यपाल ने कहा कि पिछले वर्ष की तुलना में घरेलू और विदेशी पर्यटकों की संख्या में लगभग 15 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है, जबकि गेम फिशिंग के लिए आने वाले विदेशी पर्यटकों की संख्या में करीब 35 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने बताया कि यह वृद्धि बेहतर संपर्क, सुनियोजित पर्यटन विकास और द्वीपों की प्राकृतिक विशिष्टता का परिणाम है। उन्होंने जानकारी दी कि भारत सरकार ने मेगापोड रिसॉर्ट, एविस आईलैंड, शहीद द्वीप और लॉन्ग आईलैंड में सार्वजनिक-निजी भागीदारी मॉडल के तहत पांच सितारा लक्जरी रिसॉर्ट्स के विकास को अंतिम स्वीकृति दी है। इसके साथ ही बैरन द्वीप क्रूज, हेरिटेज हार्बर क्रूज, नियंत्रित डे टूरिज्म, यॉट मरीना परियोजना और साहसिक पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए नई नीतियां अधिसूचित की गई हैं। संपर्क व्यवस्था पर बोलते हुए उपराज्यपाल ने कहा कि उड़ान योजना, सी-प्लेन सेवाएं, हेलिकॉप्टर सेवाएं और हवाई अड्डों के विस्तार का कार्य प्रगति पर है। शिवपुर और कार निकोबार में सिविल टर्मिनल सुविधाएं पूर्ण हो चुकी हैं, जबकि कैंपबेल बे में कार्य अंतिम चरण में है। द्वीप विकास एजेंसी के कार्यों का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि 1.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक निवेश वाली परियोजनाएं द्वीपों में शुरू की गई हैं। ग्रेट निकोबार द्वीप को राष्ट्रीय महत्व की परियोजना बताते हुए उन्होंने कहा कि यहां अंतरराष्ट्रीय कंटेनर ट्रांसशिपमेंट टर्मिनल, ग्रीनफील्ड अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा और आधुनिक टाउनशिप विकसित की जा रही है। अपने संबोधन के समापन पर उपराज्यपाल ने परेड में भाग लेने वाले सशस्त्र बलों, अर्धसैनिक बलों, पुलिस, एनसीसी कैडेट्स और स्कूली बच्चों को बधाई दी तथा अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह के समग्र और सतत विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।