बैरकपुर धोबीघाट में लोहे की जेटी को मिली हरी झंडी, जल्द होगा शुरू

4 साल का लंबा इंतजार होगा खत्म
The iron jetty at Barrackpore Dhobighat has received the green light and will be operational soon.
जल्द चालू होगा बैरकपुर धोबी घाट पर लोहे की जेटी से आवाजाही
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निधि, सन्मार्ग संवाददाता

बैरकपुर : बैरकपुर व हुगली के श्रीरामपुर के बीच गंगा नदी के रास्ते सफर करने वाले हजारों यात्रियों के लिए राहत भरी खबर आई है। पिछले चार साल से रक्षा मंत्रालय की अनुमति के इंतजार में अटकी बैरकपुर धोबीघाट की नई लोहे की जेटी अब जल्द ही शुरू होने जा रही है। लालफीताशाही और कानूनी अड़चनों के कारण यह आधुनिक जेटी लंबे समय से बेकार पड़ी थी, लेकिन अब इसके रास्ते की सभी बाधाएं दूर हो गई हैं। बैरकपुर के धोबीघाट से गंगा पार कर श्रीरामपुर जाने के लिए हर दिन भारी संख्या में लोग जलमार्ग का उपयोग करते हैं। इनमें दफ्तर जाने वाले कर्मचारी, स्कूली छात्र और छोटे व्यापारी शामिल हैं लेकिन बैरकपुर की तरफ पुरानी जेटी की हालत इतनी जर्जर हो चुकी थी कि यात्रियों को बांस और लकड़ी के टूटे-फूटे ढांचे के सहारे जान जोखिम में डालकर नावों तक पहुंचना पड़ता था।

करना पड़ता था अस्थायी बांस की जेटी का इस्तेमाल, बना रहता था खतरा

स्थानीय लोगों की सुविधा के लिए लगभग चार साल पहले ही यहां एक मजबूत लोहे की जेटी का निर्माण कर दिया गया था। लेकिन, बैरकपुर के सैन्य क्षेत्र होने के कारण इसके संचालन के लिए रक्षा मंत्रालय से एनओसी मिलना अनिवार्य था। इस अनुमति के नहीं मिलने के कारण करोड़ों की लागत से बनी जेटी धरी की धरी रह गई और समय के साथ उसमें जंग लगने लगी थी। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार लंबे समय से चल रही कागजी कार्यवाही और बातचीत के बाद आखिरकार रक्षा मंत्रालय ने जेटी संचालन की अनुमति दे दी है। इसके तुरंत बाद बैरकपुर कैंटोन्मेंट बोर्ड ने जेटी का मालिकाना हक और जिम्मेदारी राज्य परिवहन विभाग को सौंप दी है। कैंट बोर्ड के अनुसार कुछ कानूनी जटिलताओं और सुरक्षा संबंधी मंजूरी के कारण देरी हुई थी, लेकिन अब स्थिति स्पष्ट है। अब जेटी को परिवहन विभाग के हवाले कर दिया है।

अगले डेढ़ महीने में शुरू होगा परिचालन

राज्य परिवहन विभाग ने जेटी की मरम्मत और सौंदर्यीकरण का काम युद्ध स्तर पर शुरू करने का निर्णय लिया है। लक्ष्य रखा गया है कि आगामी एक से डेढ़ महीने के भीतर आवश्यक सुधार कार्य पूरे कर जेटी को आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा। इससे बांस और लकड़ी के अस्थाई ढांचे से मुक्ति मिलेगी। साथ ही बैरकपुर और श्रीरामपुर के बीच संपर्क बेहतर होगा। आधुनिक जेटी होने से फेरी सेवाओं के संचालन में तेजी आएगी। परिवहन विभाग धोबीघाट क्षेत्र को यात्रियों के लिए अधिक सुविधाजनक और सुंदर बनाने की योजना पर काम कर रहा है। इसको लेकर गंगा के दोनों किनारों पर रहने वाले लोगों में खुशी का माहौल है।

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