हर घटना में राजनीति के प्रवेश से नुकसान ही नुकसान : शमिक भट्टाचार्य

“श्यामा प्रसाद, बंकिम और नेताजी की विरासत से नए बंगाल का संकल्प”, करोड़ों दिलों में देशप्रेम जगाता है ‘वंदे मातरम्’ : शमिक
हर घटना में राजनीति के प्रवेश से नुकसान ही नुकसान : शमिक भट्टाचार्य
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सबिता, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : साल्टलेक सेंट्रल पार्क में आयोजित राष्ट्रीय विज्ञान प्रदर्शनी कार्यक्रम में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि श्यामा प्रसाद मुखर्जी, ऋषि बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय और नेताजी सुभाष चंद्र बोस की विचारधारा और विरासत को सामने रखते हुए आज हम सभी यहां एकत्रित हुए हैं। उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बार-बार यह आह्वान कर रहे हैं कि 2047 तक भारत को पूरे विश्व में एक नंबर पर स्थापित किया जाए। शमिक भट्टाचार्य ने कहा, “मैं एक राजनीतिक कर्मी हूँ और इसके अलावा मेरा कोई दूसरा परिचय नहीं है। मैं ऐसा कोई परिचय भी नहीं देना चाहता, जिससे व्यक्ति की अपनी पहचान या स्थिति बदल जाए। ऐसे परिचय की आवश्यकता नहीं है।” उन्होंने कहा कि हम सभी को यह याद रखना चाहिए कि जिस माटी पर हम जन्मे और पले-बढ़े हैं, उसी माटी में “वंदे मातरम्” का जन्म हुआ है। आज इसी माटी पर “वंदे मातरम्” की स्वतंत्रता और गौरव फिर से लौट आया है। आज भी “वंदे मातरम्” का उच्चारण करोड़ों भारतीयों के दिलों में मातृभूमि के प्रति गहरा सम्मान और प्रेम जगाता है।

सरकार हमेशा आपके साथ खड़ी रहेगी

उन्होंने कहा कि जिस बंगाल से कभी प्रतिभा और मेधा पूरे देश का मार्गदर्शन करती थी, आज वही बंगाल कई क्षेत्रों में पीछे रह गया है। विश्वविद्यालयों और शिक्षण संस्थानों की स्थिति तथा प्रतियोगिता में बंगाल के पिछड़ने को यहां के अध्यापक भी भली-भांति जानते हैं। इसका एकमात्र कारण है कि हर क्षेत्र और हर घटना में राजनीति का प्रवेश हो गया है। उन्होंने कहा कि आप देश के किसी भी शहर में चले जाइए, वहां आपको बंगाली प्रतिभा देखने को मिलेगी। लेकिन उनमें से बड़ी संख्या ऐसे बंगालियों की है, जिन्होंने पश्चिम बंगाल से बाहर जाकर खुद को स्थापित किया है। उन्होंने बेंगलुरु का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां बड़ी संख्या में बंगाली लोग हैं और अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं। शमिक भट्टाचार्य ने आगे कहा कि सरकार हमेशा आपके साथ खड़ी रहेगी और सक्रिय रूप से सहयोग करेगी ताकि समाज और देश के प्रति आपकी बुद्धि, प्रतिभा, रचनात्मक और नवीन साेच के माध्यम से किये गये बहुमूल्य योगदान को उचित पहचान मिले और वे सफल हो।

हमारा पहला परिचय भारतीय के रूप में...

उन्होंने कहा कि हमें अपनी पहचान को व्यापक दृष्टि से देखना होगा। हमारा पहला परिचय भारतीय के रूप में होना चाहिए, इसके बाद बंगाली, मराठी या अन्य क्षेत्रीय पहचान आती है। शमिक भट्टाचार्य ने कहा कि जो लोग पश्चिम बंगाल में रहते हैं, वे किसी भी भाषा में अपनी बात कह सकते हैं, वे पश्चिम बंगाल के नागरिक हैं। उन्होंने कहा कि मात्र सौ दिन पहले राज्य में सरकार का परिवर्तन हुआ है। एक नई सरकार बंगाल में आई है और हम लोग यह प्रयास कर रहे हैं कि यह सरकार वास्तव में पश्चिम बंगाल की राज्य सरकार के रूप में काम करे, न कि किसी राजनीतिक दल द्वारा नियंत्रित सरकार के रूप में। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री निर्वाचित हुए हैं और सरकार को बहुमत प्राप्त है। श्यामा प्रसाद मुखर्जी की माटी पर उनकी विचारधारा और मनोभाव के अनुरूप सरकार तैयार हुई है।

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