

जितेंद्र, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : हाई कोर्ट के जस्टिस तपव्रत चक्रवर्ती के डिवीजन बेंच ने एक कांस्टेबल की बर्खास्तगी के आदेश को खारिज कर दिया। उसकी तरफ से दायर अपील पर मंगलवार को सुनवाई करते हुए जस्टिस चक्रवर्ती ने कहा कि एक छोटी सी गलती की इतनी बड़ी सजा नहीं दी जा सकती है। सांसद अभिषेक बनर्जी के आवास के बाहर धीरेंद्र नाथ कांस्टेबल की ड्यूटी थी। एक गाड़ी को हटाते समय वहां रखी गई एक गार्ड रेल को टक्कर लग गया था। यह घटना 2023 की है और इस गलती की वजह से कांस्टेबल को सस्पेंड कर दिया गया था। बहरहाल सस्पेंशन वापस लेने के बाद उन्होंने वापस ड्यूटी ज्वाइन किया था। इसके बाद अचानक 2025 में 13 फरवरी को कांस्टेबल धीरेंद्र नाथ को एक कारण बताओ नोटिस दी गई। इसमें सवाल था कि उन्हें बर्खास्त क्यों नहीं किया जाए। उनके जवाब से संतुष्ट नहीं हो पाए और 28 फरवरी को उन्हें सेवा से बर्खास्त कर दिया गया। इसके खिलाफ उन्होंने हाई कोर्ट में अपील दायर की थी। डिवीजन बेंच में मंगलवार को सुनवाई में कहा कि माना पुलिस वाले से गलती हुई थी। पर यह इतनी बड़ी गलती नहीं थी की नौकरी से ही बर्खास्त कर दिया जाए। इसके लिए मामूली सजा दी जा सकती थी। डिवीजन ने कहा है कि बर्खास्त नहीं कर सकते हैं। किसी को सेवा से बर्खास्त करने के लिए उपयुक्त कारण होना चाहिए। डिवीजन बेंच ने राज्य सरकार को आदेश दिया है इस मामले में चार सप्ताह के अंदर उपयुक्त फैसला लिया जाए। डिवीज़न बेंच ने कहा है कि गार्ड रेल में टक्कर लगी थी पर कोई आहत नहीं हुआ था।